ज़्यादा रेट के लेते धान की बेतहाशा स्मगलिंग… अब तक डेढ़ लाख क्विंटल पकड़ चुके, जाने कितना आ चुका… बॉर्डर पर छाए तस्कर
छत्तीसगढ़ में धान का ज़्यादा रेट मिलता है, इसलिए प्रदेश के हर बॉर्डर पर धान स्मगलर बुरी तरह छाए हुए हैं। रात के अंधेरे में धान भरे ट्रक और ट्रेक्टर हेडलाइट्स बंद करके घुस रहे हैं। सरकारी अमला बॉर्डर पर दर्जनों नाके लगाकर बैठा है। अब तक डेढ़ लाख क्विंटल धान पकड़ा जा चुका है। स्मगलर कितना धान प्रदेश में ला चुके हैं, इसका न तो अनुमान है या बाहरी धान की बिकने से रोकने का कोई सिस्टम है। हालांकि सरकारी अमले का दावा है कि प्रदेश में अवैध धान पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
मार्कफेड के अनुसार एक नवंबर से 6 दिसम्बर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से एक लाख 51 हजार 809 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इस बार मार्कफेड द्वारा राज्य में अवैध परिवहन के जरिए अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले धान को रोकने के लिए राज्य के सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट और कलेक्टर की अध्यक्षता में टॉस्कफोर्स भी बनाए गए हैं। मार्कफेड में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से निगरानी की जा रही है।
मार्कफेड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार महासमुंद जिले में 25,718 क्विंटल धान जब्त किया गया है। इसी प्रकार धमतरी में 23,859 क्विंटल रायगढ़ जिले में 21,331 क्विंटल, राजनांदगांव 14,977 क्विंटल, बलरामपुर जिले में 9771 क्विंटल, बेमेतरा में 6490 क्विंटल, कवर्धा में 5734 क्विंटल, बालोद में 4595 क्विंटल, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3770 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 2868 क्विंटल, जशपुर जिले में 2771 क्विंटल, सूरजपुर जिले में 2650 क्विंटल, दुर्ग में 2350 क्विंटल, जांजगीर-चांपा में 2014 क्विंटल, बलौदाबाजार में 1855 क्विंटल, बीजापुर जिले में 1842 क्ंिवटल, रायपुर में 1679 क्विंटल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 1583 क्विंटल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1500 क्विंटल, बस्तर जिले में 1560 क्विंटल, मोहला-मानपुर-चौकी में 1402 क्विंटल, गरियाबंद में 1393 क्विंटल, कोरबा में 1346 क्विंटल, सरगुजा में 1282 क्विंटल, कोरिया में 1237 क्विंटल, सक्ती में 1201 क्विंटल, कोण्डागांव जिले में 1148 क्विंटल, बिलासपुर में 1060 क्विंटल, कांकेर जिले में 1012 क्ंिवटल, मुंगेली में 917 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 445 क्विंटल, नारायणपुर में 323 क्विंटल, सुकमा में 216 क्विंटल धान जब्त किए गए हैं।



