छत्तीसगढ़ के एक लाख से ज़्यादा टीचर्स ऑनलाइन हाजिर, 4 जिलों में शत-प्रतिशत अटेंडेंस… सिर्फ़ शिक्षक नहीं, विभाग के हर अफसर-कर्मी भी इस दायरे में

शिक्षा विभाग में ऑनलाइन अटेंडेंस के मामले में छत्तीसगढ़ में दो दिन में हो सिस्टम पटरी पर आ गया है। आज 17 जून, बुधवार को प्रदेश में ऑनलाइन हाजिरी लगाने वाले शिक्षकों की संख्या एक लाख से पार हो गई है। दुर्ग, बलौदाबाज़ार, रायगढ़ और जीपीएम जिलों में शत-प्रतिशत टीचर्स ने आज ऑनलाइन हाज़िरी लगाई है। इस बीच, शिक्षा सचिव आईएएस डॉ कमलप्रीत सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन हाज़िरी केवल शिक्षकों ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग के हर अधिकारी-कर्मचारी के लिए अनिवार्य है। शिक्षकों के साथ साथ-साथ हर अधिकारी-कर्मचारी को अटेंडेंस से लेकर छुट्टियों के आवेदन भी ऑनलाइन ही लगाने हैं।
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 जून 2026 से नए सत्र के साथ ही ऑनलाइन उपस्थिति और ऑनलाइन अवकाश आवेदन को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि ऑनलाइन हाजिरी में लापरवाही हुई या आदेश की अनदेखी की गई, तो वेतन काट दिया जाएगा। लेकिन विभाग में यह प्रचारित किया गया कि ऑनलाइन सिस्टम केवल शिक्षकों के लिए ही है। इसलिए शिक्षा विभाग ने साफ़ कर दिया है कि यह अनिवार्यता शिक्षा विभाग के हर अधिकारी-कर्मचारी पर लागू है।
शिक्षा विभाग उन जिलों पर नज़र बनाए हुए है, जहाँ ऑनलाइन हाज़िरी से शिक्षक दूर हैं। लेकिन आज प्रदेश में केवल गरियाबंद ही एकमात्र ज़िला बचा है, जहाँ हज़ार से ज़्यादा टीचर ऑनलाइन अटेंडेंस रजिस्टर नहीं की है। रायपुर समेत अधिकांश जिलीं में यह संख्या एक हज़ार से कम हो गई है। कवर्धा समेत आधा दर्जन और जिले शिक्षकों की शतप्रतिशत हाजिरी के करीब पहुंच गए हैं। इसीलिए सचिव डॉ कमलप्रीत ने केवल टीचर ही नहीं, बल्कि विभाग में सभी को ऑनलाइन हाजिरी सिस्टम में आने का सख़्त संदेश दिया है।



