रायपुर कमिश्नरेट का बड़ा एक्शन… नशे के स्मगलर की 42 लाख रुपए की प्रॉपर्टी फ्रीज़… राजधानी में सफ़ेमा SAFEMA कानून में कार्रवाई तेज
रायपुर कमिश्नरेट ने नशे पर बड़ी कार्रवाई की है। राजधानी और आसपास नशे के स्मगलिंग में लिप्त तथा 31 मामलों के आरोपी मुकेश उर्फ बनिया की लगभग 42 लाख रुपए की प्रॉपर्टी SAFEMA सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर अटैच कर दी गई है। यह कार्रवाई रायपुर सेंट्रल जोन पुलिस ने अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति सीज़ करके अपराधियों के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने के की है। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला ने पुष्टि की कि आरोपी एवं उससे संबंधित व्यक्तियों के नाम की 42 लाख मूल्य की संपत्ति को SAFEMA सक्षम प्राधिकारी, मुंबई से फ्रीजिंग ऑर्डर कन्फर्म किया गया है।
रायपुर सेंट्रल में SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property Act) के तहत अपराधियों की प्रॉपर्टी फ्रीज़ करने की यह दूसरी कार्रवाई है। इससे पहले नशे की तस्करी के पुराने आरोपी रवि साहू की प्रॉपर्टी फ्रीज़ की जा चुकी है। पुलिस ने बताया कि मुकेश उर्फ “मुकेश बनिया” रायपुर शहर में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार का सक्रिय एवं आदतन आरोपी रहा है। उसके विरुद्ध पूर्व से 31 आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या, बलवा, मारपीट, गुंडागर्दी एवं अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। उसे 26 फरवरी को कोतवाली एवं एसीसीयू की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से लगभग 6.119 किलोग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 2400 नग अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां तथा अन्य सामग्री बरामद की गई थी। इसके पूर्व आरोपी द्वारा संचालित आधुनिक तकनीक से लैस गांजा हाइडआउट का भी पर्दाफाश किया गया था।
आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों एवं समाज पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए उसके विरुद्ध पूर्व में PIT-NDPS Act, 1988 के अंतर्गत डिटेंशन ऑर्डर भी जारी कराया जा चुका है। विस्तृत वित्तीय जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी का एक मकान एवं तीन वाहन मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धनराशि से खरीदे जाने की आशंका है। इस आधार पर थाना सिटी कोतवाली द्वारा NDPS Act की धारा 68-F(1) के अंतर्गत लगभग ₹42 लाख मूल्य की उक्त संपत्तियों को फ्रीज किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों, वित्तीय जांच एवं प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के उपरांत फ्रीजिंग ऑर्डर को कन्फर्म कर दिया गया है।
अब संबंधित पक्षों को उक्त संपत्तियों के वैध आय स्रोत के संबंध में सक्षम प्राधिकारी के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। यदि संपत्तियों का वैध स्रोत स्थापित नहीं किया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए उन्हें स्थायी रूप से शासन के पक्ष में जब्त (Forfeiture) किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।



