सीएम ने ख़ुद चरणपादुका पहनाकर शुरू की योजना… प्रदेश के साढ़े 12 लाख लोगों को फिर मिलेगी चरण पादुका

छत्तीसगढ़ में करीब छह साल से बंद चरणपादुका योजना सरकार ने फिर शुरू कर दी है। रविवार को सीएम विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के जामगांव में महिलाओं को चरणपादुका पहनाकर योजनां शुरू कर दी है। चरणपादुका जंगल से तेंदूपत्ता लाने वालों अर्थात केवल संग्राहकों को ही दी जाएगी। इस योजना से प्रदेश के सभी जिलों 12 लाख 40 हजार से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभ होगा। इस योजना के साथ साय सरकार ने अब पीएम नरेंद्र मोदी की एक और गारंटी पूरी कर दी है।
इस अवसर पर सीएम साय ने कहा कि हमारी सरकार वनवासियों और तेंदूपत्ता संग्राहक भाइयों-बहनों के जीवन स्तर को सशक्त और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। चरण पादुका योजना उन परिश्रमी हाथों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है, जो कठिन परिस्थितियों में वनोपज संग्रहण का कार्य करते हैं। इनके परिवारों का राज्य की अर्थव्यवस्था, वनोपज आधारित रोजगार और स्थानीय समृद्धि में अमूल्य योगदान है। उनकी मेहनत से ही छत्तीसगढ़ की वनोपज परंपरा जीवंत बनी हुई है और लाखों परिवारों को आजीविका का सहारा मिलता है। ‘चरण पादुका योजना’ हमारे संकल्प पत्र “मोदी की गारंटी” का महत्वपूर्ण वादा था, जिसे हमारी सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया है। यह योजना केवल चरण पादुका वितरण भर नहीं, बल्कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के श्रम और स्वाभिमान का सम्मान है।



