रायपुर में हिमालयन मादा भालू की बूढ़ी होकर 25 की उम्र में मौत… पूरा जीवन अकेली रही, जोड़ा बनाने भालू ला रहे थे, पर वह रास्ते में मर गया
राजधानी रायपुर के नंदनवन में रह रही 25 वर्षीय मादा हिमालयन भालू ‘फफोरी’ की 19 अक्टूबर की मध्यरात्रि में मौत हो गई। जंगल सफारी प्रबंधन के अनुसार, उसकी मृत्यु वृद्धावस्था (बढ़ती उम्र) के कारण हुई है। भालुओं के लिए 25 साल बहुत लंबी उम्र मानी जारी है।

जंगल सफारी प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, फफोरी को वर्ष 2012 में वन्यप्राणी आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत असम राज्य के चिड़ियाघर, गुवाहाटी से 12 वर्ष की उम्र में रायपुर लाया गया था। तब से वह यहीं रह रही थी। फफोरी नंदनवन के हिमालयन भालू बाड़े में एकमात्र (अकेली) भालू थी। वहाँ उसके साथ कोई नर (Male) हिमालयन भालू नहीं था, जिसके कारण वंश आगे बढ़ना या बच्चे होना संभव नहीं था। 2025 में वन विभाग ने नागालैंड से एक नर भालू लाने का प्रयास किया था ताकि फफोरी का जोड़ा बनाया जा सके और ब्रीडिंग हो सके। लेकिन रास्ते में ही उस नर भालू की दुखद मृत्यु हो गई।
नंदनवन के हिमालयन भालू बाड़े में फफोरी की मृत्यु के बाद उसका पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद सफारी प्रबंधन और वन्यजीवों की देखभाल से जुड़े कर्मचारियों की उपस्थिति में उसे श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम संस्कार किया गया।



