अब ईडी ने रामगोपाल की घोटालों में भूमिका पर जारी किया बयान… इसमें घोटालों की कमाई का बड़ा हिस्सा मिलने का जिक्र… पूछताछ में सहयोग नहीं करने का आरोप भी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के 3,000 करोड़ रुपये के कथित शराब स्कैम में गिरफ्तार किए गए कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने के बाद आज रामगोपाल की घोटालों पर भूमिका को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। विशेष PMLA कोर्ट से रिमांड पर लेने के बाद आज अपने बयान में ईडी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बयान के अनुसार, इस पूरे शराब घोटाले से जो बेहिसाब नकदी (Proceeds of Crime) पैदा हुई, उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा (Substantial Share) रामगोपाल अग्रवाल को दिया गया था। यह राशि उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष के रूप में प्राप्त की थी। ईडी ने मनी ट्रेल का खुलासा करते हुए बयान में यह भी कहा कि शराब-कोल सिंडिकेट के गुर्गों के जरिए करोड़ों रुपये की यह अवैध नकदी रायपुर स्थित ‘राजीव भवन’ में रामगोपाल को डिलीवर की गई थी।
ईडी ने अधिकृत बयान में कहा कि घोटालों के कैश को मूव और हैंडल करने वाले गवाहों ने धारा 50 (PMLA) के तहत दिए अपने बयानों में रामगोपाल की अहम भूमिका की पुष्टि की है। ED ने बताया कि साल 2019 से 2023 के बीच राज्य के आबकारी विभाग में एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय था। इस सिंडिकेट ने डिस्टिलर्स से सालाना कमीशन वसूलने और विदेशी शराब कंपनियों पर दबाव बनाकर करीब 3,000 करोड़ रुपये का चूना लगाया, जिसमें रामगोपाल अग्रवाल मुख्य कड़ियों में से एक थे।
ईडी ने अपने बयान में दावा किया कि रामगोपाल अग्रवाल को पूछताछ के लिए पहले चार बार समन जारी किए गए थे, लेकिन वे पेश नहीं हुए। बाद में जब उनसे पूछताछ की गई, तो उन्होंने जांच एजेंसी को भ्रामक और गोलमोल जवाब (Evasive Replies) दिए, जिसके बाद उन्हें रायपुर सेंट्रल जेल से (जहां वे पहले से न्यायिक हिरासत में थे) गिरफ्तार किया गया।



