आईटी में छत्तीसगढ़ की छलांग… विष्णुदेव सरकार में सुशासन-सेवा हाईटेक… देश में तीसरी रैंक, सालभर पूर्व थी 27वीं… IAS अंकित आनंद ने बताई उपलब्धियां


छत्तीसगढ़ ने सूचना प्रौद्योगिकी में पिछले एक साल में ऊंची छलांग लगाई है। इलेक्ट्रानिक और आईटी सचिव आईएएस अंकित आनंद ने गुरुवार को भीड़भरी प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सेवा सेतु समेत आम लोगों की सेवा और सुविधा से जुड़े आनलाइन प्लेटफार्म, खनिज समेत विभिन्न विभागों के राजस्व संबंधी प्लेटफार्म और सुशासन में सीएम विष्णुदेव साय की सरकार के कामकाज ने आईटी में छत्तीसगढ़ को देश में तीसरी रैंक पर पहुंचा दिया है। भारत सरकार की 2025 की रिपोर्ट में प्रदेश की रैंकिंग 27वीं थी। अंकित आनंद ने उम्मीद जताई की सेवा सेतू, आधार सेवाएं, जीआईएस, अटल मानीटरिंग पोर्टल, ई-प्रगति पोर्टल, और विभिन्न विभागों के राजस्व पोर्टल के उत्कृष्ट कार्य के जरिए साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश में टाप पोजिशन पर आएगा।
नवा रायपुर के संवाद आडिटोरियम में हुई इस प्रेस कांफ्रेंस में आईएस अंकित आनंद ने पिछले ढाई साल में आईटी में साय सरकार की उपलब्धियों की विस्तार से व्याख्या की। इस कांफ्रेंस में चिप्स के सीईओ आईएफएस मयंक अग्रवाल भी उपस्थि थे। अंकित आनंद ने मीडिया के सामने सरकार के महत्वाकांक्षी आनलाइन प्रोजेक्ट सेवा सेतु की व्यापकता और इसकी सुपीरियोरिटी की जानकारी दी। उ्होंने बताया कि सीएम साय ने 29 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ में सेवा सेतु पोर्टल लांच किया। पिछले तीन माह के भीतर इस पोर्टल को बड़े पैमाने पर इस तरह अपग्रेड किया गया कि अभी इसमें 35 विभागों की 564 सेवाएं आम लोगों के लिए उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। सेवा सेतु में पिछले ढाई वर्षों में 85 लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हं, जिनमें 78 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया है।
आईएएस अंकित आनंद ने बताया कि सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के डिजिटल प्लेटफार्म सुशासन को मजबूती देने वाले हैं। जैसे, खनिज आनलाइन 2.0 के जरिए जनवरी 2024 से अब तक 30311 करोड़ रुपए की रेवेन्यू मिल चुकी है। यही न8ीं, अपशिष्ट मानीटरिंग एवं प्रबंधन तथा वन क्लिक-सिंगल विंडो 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाएं एकीकृत हैं। अंकित आनंद ने बस्तर मुन्ने पोर्टल की उपलब्धियों का भी उल्लेख किए, जो साय सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। इसी तह, विभाग ने भारत सरकार के मोबाइल नेटवर्क पर बड़ा काम करते हुए केवल ढाई साल में 1273 टावर आनलाइन एयर किए हैं। भारतनेट फेज-3 के जरिए बचे हुए गांवों में हाई स्पीड नेटवर्क, डिजिटल सेवाएं तथा फाइबर टू होम कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
आईएएस अंकित आनंद ने बताया कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को प्राथमिकता में रखा है। छत्तीसगढ़ एआई मिशन के जरिए युवाओं, स्टूडेंट्स और स्टार्टअप बिजनेस के लिए छत्तीसगढ़ में एआई सेंटर आफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब की स्थापना की जा रही है। यहां इनोवेशन के साथ-साथ रोजगार के मौके भी उपलब्ध होंगे। सूचना-प्रोद्योगिकी सचिव अंकित आनंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य तकनीक को सिर्फ सुविधा ही नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता और समावेशी विभाग और नागरिक सशक्तीकरण को आधार बनाना है। सीएम साय के निर्देश पर इस दिशा में तीव्र गति से काम किया जा रहा है।



