दो दिन मूसलाधार में डूब गया बिलासपुर… गली-मोहल्लों में बाढ़, कुछ हाईवे बंद और 5 ट्रेनें रद्द… सीएम ने शुरू की सीधी मॉनिटरिंग
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और आसपास के इलाकों में पिछले करीब 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण 20 साल बाद बाढ़ जैसे गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। बिलासपुर की वीवीआईपी कॉलोनियों से लेकर निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हैं। प्रशासन और SDRF की टीमें नावों के जरिए निचले इलाकों में फंसे लोगों का लगातार रेस्क्यू कर रही हैं। बिलासपुर के कुछ हाईवे और शहरी सड़कें डूबी हैं, जिनसे ट्रैफ़िक बंद करना पड़ा है। स्टेशन और आसपास ट्रैक पर पानी भरने से पाँच मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। सीएम विष्णुदेव साय ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की मॉनिटरिंग ख़ुद शुरू कर दी है। उन्होंने lप्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।
बाढ़ से बिलासपुर में शुक्रवार को जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था। हालत अब जाकर सुधार पर है। दोमुहानी क्षेत्र में अरपा नदी उफान पर होने से 10 से ज्यादा मकान टापू बन गए, जहाँ कई परिवार रातभर फंसे रहे। सरकंडा के बंधवापारा, चांटीडीह, मंगला, ओमनगर और जरहाभाटा जैसे क्षेत्रों में लोगों के घरों व बेडरूम में घुटनों तक पानी भर गया। अरपा चेक डैम की नहर टूटने के कारण देवरीखुर्द और मानिकपुर समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में तेजी से बाढ़ का पानी घुस गया।
बिलासपुर-मस्तूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर 4 से 5 फीट तक पानी बह रहा है, जिससे आवागमन ठप है। कोटमीसोनार स्थित लीलागर नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण यह रास्ता भी एहतियातन बंद कर दिया गया। बिलासपुर रेलवे स्टेशन और यार्ड के ट्रैक पानी में डूबने के कारण रेलवे प्रशासन ने 5 मेमू (MEMU) ट्रेनों को रद्द कर दिया है और 3 को आंशिक रूप से चलाया जा रहा है।बिगड़ते हालातों और भारी जलभराव को देखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
शहर के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर पानी में डूब जाने के कारण ब्लैकआउट (बिजली गुल) की स्थिति बन गई थी, जिसे बहाल किया जा रहा है। बिजली ठप होने से कई मोहल्लों में पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले रास्तों (जैसे श्रीकांत वर्मा मार्ग, ईदगाह चौक, भारती नगर मार्ग) से बचने और अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
इधर, सीएम विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त संसाधन एवं सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।



