विधानसभा में रात 2.30 बजे गिरा विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव… सीएम साय का वार- भ्रष्टाचार को सुशासन ने दिया करारा जवाब
सरकर के ख़िलाफ़ विपक्ष की ओर से लाए गए 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र पर विधानसभा में बहस सुबह 11 बजे शुरू हुई लौट लगातार रात 2:30 बजे तक चली। इसके बाद प्रस्ताव ध्वनिमत से गिरा। अविश्वास पर निर्णायक संबोधन में सीएम साय ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना असल में जनता के भरोसे और जनादेश पर हमला है। सीएम ने मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत घरों का निर्माण और धान खरीदी जैसे जनहित के कार्यों को बड़ी मजबूती से सदन के सामने रखा। उन्होंने कांग्रेस के पिछले कार्यकाल के दौरान हुए कथित CGPSC भर्ती घोटाले, कोयला और आबकारी (शराब) घोटालों को लेकर विपक्ष को बैकफुट पर धकेला।
सीएम साय ने कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के विश्वास और जनादेश के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव तथा नगरीय निकाय चुनावों में जनता ने विकास, सुशासन और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर अपना अटूट विश्वास व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने जनता से किए गए अधिकांश वादों और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियां स्वयं उसकी कार्यशैली और जनविश्वास का प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं, आदिवासियों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों के बकाया बोनस का भुगतान, महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख महिलाओं को 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि तथा गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता का अटूट विश्वास सरकार के साथ है और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।



