बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी लेकिन सीएम दसवीं बार नीतीशे कुमार..! एनडीए की landslide जीत के बाद सीएम की चर्चाएं शुरू
बिहार चुनाव के नतीजे राजद-कांग्रेसनीत इंडिया गठबंधन के लिए बड़े भूस्खलन में बदल चुके हैं क्योंकि भाजपा-जद यू का एनडीए गठबंधन 240 सीटों में से 200 सीटें पार कर चुका है। फ़िलहाल भाजपा बिहार में 92 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। नीतीश की जद यू भी 85 सीटों पर है। मान्य नियम ये है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण राज्यपाल को भाजपा को सरकार बनाने के लिए बुलाना चाहिए। अब देखने वाली बात यही है कि राज्यपाल सरकार बनाने के लिए किसे बुलाते हैं और क्या एनडीए की ओर से सीएम का चेहरा फिर नीतीश कुमार ही होंगे, जैसे अभी हैं। नतीजों के बाद अभी अभी जिस तरह के बयानों की शुरुआत हुई है, उनसे इशारा मिल रहा है कि नीतीश कुमार 10 वीं बार बिहार के सीएम की शपथ लेंगे। पहला बयान सांसद लोजपा की सांसद शांभवी चौधरी की ओर से आ गया है। उन्हींने कहा कि नीतीश कुमार 10वीं बार शपथ लेंगे, क्योंकि बिहार ने विकास की राजनीति को चुना है। अभी भाजपा और जद यू से ज़िम्मेदार नेताओं के बयान आने हैं, इनसे पहले ही एनडीए पार्टनर और चिराग पासवान की पार्टी की सांसद का बयान इस तरफ़ इशारा कर रहा है कि नीतीश कुमार की ताजपोशी लगभग तय है।
बिहार में पीएम मोदी और नीतीश कुमार का जादू बरकरार है। रुझानों में NDA डबल सेंचुरी पार कर चुका है और महागठबंधन पूरी तरह बैकफुट पर है। तेजस्वी यादव अपने गढ़ राघोपुर में भी संघर्ष कर रहे हैं। भाजपा और जेडीयू की संयुक्त रणनीति और पीएम मोदी की आक्रामक कैंपेनिंग ने चुनाव का पूरा माहौल पलट दिया है। नतीजों ने साबित कर दिया है कि बिहार में जनता ने विकास और स्थिर नेतृत्व के नाम पर NDA का साथ फिर पकड़ लिया है।
बिहार में अभी भाजपा 90+ सीटों पर आगे है और जेडीयू 80+ सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है। लोजपा (रामविलास) और हम पार्टी का प्रदर्शन भी अच्छा है। माना जा रहा है कि बिहार में पीएम मोदी की 14 रैलियां और एक रोड शो गेमचेंजर बने। जहां-जहां वे गए, वहां वोटिंग ज्यादा हुई और NDA उम्मीदवारों को बढ़त मिली। समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, छपरा, बेगूसराय, नवादा, कटिहार, सहरसा, भागलपुर, अररिया, भभुआ, औरंगाबाद, बेतिया और सीतामढ़ी – हर जगह मोदी फैक्टर दिख रहा है।



