छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ : पार्षद और साथी की मौत शराब में जहर से… 10 लाख के कर्ज से बचने सोहागा मिलाकर पिला दी शराब… डबल मर्डर का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

(फोटो : मृत क्लीनिक संचालक और बसपा पार्षद)

जांजगीर-चांपा के पामगढ़ में बहुजन समाज पार्टी रामखिलावन जांगड़े (55 वर्ष) और निजी क्लीनिक संचालक जोहितराम खरे (52 वर्ष) की मौत जहरीली शराब से नहीं हुई, बल्कि हत्या करने के लिए आरोपी ने शराब में सोहागा मिलाकर दोनों को पिला दिया। आरोपी ने खरे से 10 lakh रुपए कर्जा लिया था और लौटा नहीं रहा था। खरे ने जब उसका मकान बिकवाने की चेतावनी दी, तब उसने शराब में जहर देकर हत्या का प्लान बना लिया। पार्षद का इस विवाद से लेना देना नहीं था। वह खरे से मिलने आया था, तो उसे भी शराब पार्टी में बिठा लिया गया। पुलिस ने इस सनसनीखेज डबल मर्डर के मुख्य संदेही मुकेश कश्यप उर्फ गोलू को कस्टडी में ले लिया है।

पुलिस अफसरों ने इस डबल मर्डर का खुलासा करते हुए पूछताछ में मिली जानकारियों के आधार पर बताया कि शुक्रवार शाम को पामगढ़ कस्बे में एक शराब पार्टी का आयोजन किया गया था। जिसमें मृतकों के अलावा दो अन्य लोग भी थे। शराब पीने के बाद दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें सांस लेने में गंभीर तकलीफ होने लगी। दोनों को गंभीर हालत में बिलासपुर रेफर किया गया था। इलाज के दौरान पार्षद रामखिलावन ने सिम्स (CIMS) में और क्लीनिक संचालक जोहितराम ने अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार इस खूनी साजिश का असली निशाना केवल क्लीनिक संचालक जोहितराम खरे था। बसपा पार्षद महज एक संयोग के तहत उस शराब पार्टी में अनजाने में पहुंच गए और शिकार हो गए। यह वारदात 10 लाख रुपये के कर्ज के विवाद और मकान बेचने के दबाव को लेकर रची गई थी। कर्जदार ने ही जोहितराम को रास्ते से हटाने के लिए यह साजिश बुनी थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने देसी शराब में ‘सोहागा’ (एक रासायनिक पदार्थ) मिला दिया था। डॉक्टरों और पुलिस के अनुसार सोहागा पेट में जाने के बाद खतरनाक बोरिक एसिड में बदल जाता है। जिससे शरीर के अंदरूनी अंग (जैसे किडनी) फेल हो जाते हैं और इंसान की मौत हो जाती है। इस तथ्य को एस्टाबलिश करने के लिए पुलिस को डिटेल्ड पीएम रिपोर्ट और फोरेंसिक टेस्ट रिपोर्ट्स का इंतज़ार है।

 

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