छत्तीसगढ़ के स्कूलों में AI के उपयोग पर Google, Meta और Microsoft जैसी कंपनियों के टेक दिग्गजों ने किया मंथन… सरकारी स्कूलों के बच्चों की AI लर्निंग के लिए यह बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल के लिए देशभर के टेक दिग्गजों ने स्कूली शिक्षा में इंटरनेशनल लेवल पर प्रचलित नवीनतम प्रणालियों पर गुरुवार को राजधानी में दिनभर मंथन किया। रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में हुई इस वर्कशॉप में Google, Microsoft और Meta जैसी कंपनियों के दिग्गजों ने क्लासरूम के भीतर AI आधारित कस्टम टूल्स (Custom Tools) के व्यावहारिक उपयोग पर प्रेजेंटेशन दिए और इनकी उपयोगिता बताई। इस वर्कशॉप में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और स्कूल शिक्षा सचिव आईएएस डॉ कमलप्रीत सिंह के साथ प्रदेश के 500 से ज़्यादा शिक्षक-प्राचार्य और विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया।

शिक्षा सचिव डॉ कमलप्रीत ने बताया कि इस वर्कशॉप का का मुख्य उद्देश्य स्कूली शिक्षा में स्मार्ट लर्निंग, डिजिटल शिक्षा और क्लासरूम में AI के व्यावहारिक इस्तेमाल पर मंथन करना है। इस वर्कशॉप में मिली जानकारियों के आधार पर राज्य में भविष्य की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर शिक्षकों को AI टूल्स का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले बदलावों और स्मार्ट लर्निंग को छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों तक कैसे प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए, इस पर काफ़ी इनोवेटिव आईडिया आए हैं, जिनमे से कुछ को प्रदेश के स्कूलों में मॉडल के रूप में लागू कर शुरुवात की जाएगी।
यह वर्कशॉप आज सुबह सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुई। इसके बाद टेक दिग्गजों और एआई एक्सपर्ट्स ने स्कूल शिक्षा में इस्तेमाल की जा रही नई प्रणालियों पर अपने प्रेजेंटेशन से सबको चकित किया। स्कूली शिक्षा कि साथ साथ स्कूल प्रबंधन में भी एआई के उपयोग के सिस्टम पर विस्तार से बात हुई। शुरुआती संबोधन में मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि यह पूरा प्रयास इसलिए किया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों का एक भी बच्चा वर्तमान समय में बेहद प्रभावी एआई लर्निंग से वंचित न रहे। बाद में वर्कशॉप को लेकर मीडिया ब्रीफिंग में सचिव डॉ कमलप्रीत ने बताया कि सरकार ज़्यादा से ज़्यादा टीचर जो एआई लर्निंग पर ट्रेनिंग देने के ठोस प्रोजेक्ट पर काम करेगी।



