एक तूफ़ान गया नहीं कि दूसरा आ गया…! रायपुर में गहरे बादल, तेज हवा के साथ बारिश… त्योहारी शॉपिंग से राज्योत्सव तक प्रभावित

राजधानी रायपुर समेत छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा इस समय दोहरे चक्रवाती संकट से जूझ रहा है। चक्रवात ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) का असर पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि बंगाल की खाड़ी से उठे एक और नए चक्रवात ‘मुरासु’ (Cyclone Murasu) ने पूरे छत्तीसगढ़ को अपने काले बादलों की आगोश में ले लिया है। रायपुर फिर घने बादल, तेज हवा और बारिश की चपेट है।
इसनई आफत ने ऐन त्योहार और उसके बाद शादी-ब्याह की शॉपिंग को प्रभावित कर किया है। आज फिर रायपुर के बाजारों की रौनक पर ब्रेक लगता दिख रहा है, जबकि दो दिन बाद शुक्रवार को धनतेरस से त्योहार शुरू होने वाले हैं।
अक्टूबर के अंत में आए ‘चक्रवात अर्नब’ के कारण रायपुर में भारी बारिश, तेज हवाएं और जलभराव देखने को मिला था। अब नवंबर के शुरुआती दिनों में ही ‘चक्रवात मुरासु’ के प्रभाव से शहर में फिर से काले घने बादल छा गए हैं और बारिश के साथ 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से ठंडी हवा चल रही है। शाम से पहले ही अंधेरा छा जाने और सर्द हवाओं से रायपुर के तापमान में अचानक भारी गिरावट आ गई है।
दीपावली और उसके बाद आने वाले शादी के सीजन की तैयारियों और सर्दियों की शुरुआती खरीदारी के लिए रायपुर के मुख्य बाजारों (जैसे पंडरी कपड़ा मार्केट, गोल बाजार, सदर बाजार और मालवीय रोड) में व्यापारियों ने करोड़ों का माल डंप किया हुआ है। लेकिन खराब मौसम ने कई तरह की रुकावटें खड़ी कर दी हैं। लगातार बारिश के कारण बाजारों में सामान्य से कम भीड़ है। जो छोटे और फुटपाथ वाले व्यापारी सड़क किनारे टेंट या स्टॉल लगाकर कपड़े, सजावट का सामान और बर्तन बेचते हैं, उनका स्टॉक भीगने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है।



