स्पीकर डा. रमन का ऐलान- अगला शीत सत्र नए विधानसभा भवन में… पहले दिन सरकारी जमीन पर कब्जों का मुद्दा उठा
सीएम विष्णुदेव साय के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ बस्तर दौरे पर रहने की वजह से उनकी गैरमौजूदगी में छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीत सत्र सोमवार को सुबह शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई। इसके बाद स्पीकर डा. रमन सिंह ने बताया कि सत्र की चार बैठकों में पांच विधेयक पेश किए जाएंगे। साथ ही सरकार दूसरा अनुपूरक बजट भी पेश करेगी। स्पीकर डा. रमन ने शीत सत्र को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मौजूदा विधानसभा भवन में 24 साल का यह आखिरी शीतसत्र होगा। अगला शीत सत्र नवा रायपुर के नए विधानसभा भवन में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा को जनवरी में 25 साल हो जाएंगे, अर्थात यह अपने रजय जयंती वर्ष में प्रवेश करेगी। इस अवसर पर विधानसभा भवन में छात्रों के लिए शुक्रवार और शनिवार को विशेष अवलोकन सत्र का आयोजन किया जाएगा। डा. रमन ने यह भी बताया कि आने वाले बजट सत्र में विधानसभा में राष्ट्रपति डा. द्रौपदी मुर्मु को आमंत्रित करने की योजना बना रहे हैं।
बहरहाल, सत्र की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत ने दिवंगत नेताओं गोपाल व्यास और नंदाराम सोरी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राज्य की राजनीति और समाज के लिए इन नेताओं का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। इसके बाद प्रश्नकाल के दौरान बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बिलासपुर में सरकारी जमीनों पर कब्जे का मामला उठाया। सदस्य धरमजीत सिंह ने भी कहा कि सरकारी जमीनों पर अराजकता फैली हुई है। इसका जवाब देते राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि 2021 से 2024 के बीच सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों की 563 शिकायतें दर्ज हुई हैं। सभी की जांच चल रही है और अधिकांश मामलों में संबंधित जिले के कलेक्टर को भी जांच में शामिल किया गया है। मंत्री टंकराम वर्मा ने यह भी कहा कि पिछली सरकार के दौरान सरकारी जमीनों के जितने भी पट्टे गलत तरीके से आवंटित किए गए हैं, उनकी जांच करवाई जाएगी।



