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छत्तीसगढ़ में सायबर फ्राड और रकम यहीं के खातों में… आपरेशन सायबर शील्ड में अब तक 212 अरेस्ट… दर्जनों और म्यूल खातों की पहचान, अब बिचौलियों की तलाश

सायबर अपराधियों के लिए उधार के खातों का इंतजाम करने वाले  बिचौलिए छत्तीसगढ़ में इतने सक्रिय हैं कि सैकड़ों बैंक खातों का इंतजाम कर चुके हैं। आईजी अमरेश मिश्रा ने रायपुर रेंज में आपरेशन सायबर शील्ड लांच कर रखा है और इस आपरेशन में रायपुर सायबर पुलिस तथा क्राइम ब्रांच ने अब तक 212 म्यूल अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया है। सायबर फ्राड के ऐसे कई बड़े केस हैं, जिनमें धोखाधड़ी भी छत्तीसगढ़ में हुई है और रकम भी यहीं के म्यूल खातों में ट्रांसफर होने के बाद बाहर गई है। पुलिस की नजर अब उन लोगों पर भी है, जो शहरों से गांवों तक थोड़ी लालच देकर लोगों को उनके खातों का इस्तेमाल करने के लिए राजी कर रहे हैं। इसी कड़ी में सायबर पुलिस ने गुरुवार को चार ऐसे एजेंट और दलालों का पकड़ा है, जो सायबर ठगों के लिए बैंक खाते खुलवा रहे हैं या फिर खाते उधार लेकर उन्हें आपरेट कर रहे हैं।

रायपुर रेंज सायबर विशेषज्ञों की मदद से गंज पुलिस ने ऐसे ही म्यूल अकाउंट्स के चार एजेंट-ब्रोकर को गिरफ्तार किया है, जो खाते का इंतजाम और उन्हें मैनेज करने का काम कर रहे थे। चारों रायपुर से हैं। गिरफ्तार आरोपियों में खमतराई का सुनील वॉल्टर, यहीं का आरिफ मंडावी, डब्लूआरएस का संजय सिंह और पंडरी का मनीष कुमार वर्मा हैं। चारों को पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इनकी खाता खुलवाने, साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, रकम को इधर-उधर करने में भूमिका पाई गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बैंक खातों को खुद ऑपरेट कर रहे थे और ठगी की रकम रिसीव होने के बाद इसे ट्रांसफर करने का काम खुद कर रहे थे। गंज पुलिस ने सभी को जेल भिजवा दिया है।

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