आज की खबर

छत्तीसगढ़ में BNS में करीब 54 हजार एफआईआर, आधे में चालान पेश… सीएम साय ने दिया प्रजेंटेशन, गृहमंत्री शाह बोले- सौ फीसदी इंप्लेमेंटेशन चाहिए

नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय तथा सरकार के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को प्रदेश में सौ फीसदी लागू करने पर जोर दिया है। सीएम साय ने प्रदेश में नए कानून लागू करने के लिए हुई तैयारी पर प्रजेंटेशन दिया और गृहमंत्री शाह को आश्वस्त किया कि प्रदेश इसके लिए तैयार है। सीएम ने बताया कि प्रदेश में नया कानून लागू होने के बाद से अब तक लगभग 54 हजार एफआईआर नए कानून के तहत की गई है। इनमें से 50 फीसदी केस में चालान पेश कर दिया गया है। राज्य में 27 प्रकार की एसओपी (Standard Operating Procedures) और दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। नए कानून के बारे में 37,385 पुलिसकर्मियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। न्यायालय, पुलिस थाने और जेलें को ई-साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम से लैस हैं। अर्थात, राज्य सरकार नए कानूनों के सौ प्रतिशत इंप्लीमेंटेशन की स्थिति में है।

नई दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ में नए कानूनों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में गृहमंत्री विजय शर्मा, चीफ सेक्रेटरी अमिताभ जैन, डीजीपी अरुणदेव गौतम, एसीएस होम मनोज कुमार पिंगुआ, सीएम के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत के अलावा प्रदेश के कई प्रशासनिक-पुलिस अफसर मौजूद थे। करीब ढाई घंटे चली बैठक में गृहमंत्री शाह ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के अब तक के कार्यों की सराहना की। हालांकि उन्होंने नए क़ानूनों को राज्य में जल्दी ही शत-प्रतिशत लागू करने पर भी बल दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से समन्वय और तत्परता की अपेक्षा जताई और कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को सरल, तेज़ और जनोन्मुखी बनाना है।

गृहमंत्री शाह की बैठक में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर चर्चा की गई।  साथ ही नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष रणनीति पर भी मंथन किया गया। गृहमंत्री शाह को सीएम साय ने बताया कि हाल के महीनों में राज्य में चलाए गए ऑपरेशनों में कई वांछित नक्सली मारे गए, गिरफ्तार हुए या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। नियद नेलानार योजना, बस्तर ओलंपिक, महिला सुरक्षा केंद्र, और आदिवासी क्षेत्रों में होमस्टे व पर्यटन ढांचे का विकास जैसे प्रयासों से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का सार्थक प्रभाव पड़ा है। सीएम साय ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करेगा और देशभर में कानूनी सुधार की इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button