नदी-झरने बने बच्चों का काल : फ़ार्मा के तीन छात्रों की हसदेव नदी में डूबकर मौत… एक बहा और दो बचाने गए, 48 घंटे बाद शव मिले
छत्तीसगढ़ में इस साल बारिश में नदियाँ और झरने जैसे बच्चों और युवाओं का काल बन गए हैं। हर वीक एंड में एक-दो बच्चों की डूबकर मौत की खबरें आ रही हैं और पूरा प्रदेश सकते में हैं। ताज़ा दुखद खबर जांजगीर से आई है, जहां हसदेव नदी में डूबकर बी फार्मा फर्स्ट ईयर के तीन छात्रों की मौत हो गई है। हसदेव नदी के देवरी-चिचोली पिकनिक स्पॉट पर डूबे तीनों छात्रों के शव 48 घंटे के लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अभी कुछ देर पहले निकाले गए हैं।
यह दुखद हादसा शुक्रवार, 11 सितंबर को उस समय हुआ जब बिलासपुर के चौकसे कॉलेज के बी.फार्मा फर्स्ट ईयर के 8 छात्र-छात्राएं पिकनिक मनाने गए थे। नदी किनारे खड़े एक छात्र का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के लिए उसके बाकी दो दोस्त भी नदी में कूद गए, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण तीनों ही डूब गए। मृत छात्रों में चिरमिरी का पवन लाल (22 वर्ष) है, जिसका शव शनिवार सुबह ही करीब 2 किमी दूर बरामद कर लिया गया था। आज सचिन सिंह (23 वर्ष) निवासी अंबिकापुर और मुरारी साहू (22 वर्ष) निवासी पंडरिया, कवर्धा के शव दो दिन चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिले हैं। शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तीनों छात्रों की मौत की खबर से कॉलेज में मातम पसरा हुआ है।



