सामूहिक विवाह में मंगलसूत्र नकली… कलेक्टर ने महिला बाल विकास को सौंप दी जांच… यानी जिनकी देखरेख में आयोजन, वही बताएंगे असली-नक़ली
छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में सरकारी कन्या विवाह योजना में चांदी की जगह नवविवाहिताओं ने गिलट (तांबा, जस्ता और निकेल का मिश्रण) से बना नकली मंगलसूत्र देने के आरोप लगाए हैं। मामला उजागर होने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। दिलचस्प यह है कि सरकारी समारोह कलेक्टर और महिला बाल विकास की देखरेख में होते हैं और जांच भी कलेक्टर ने महिला बाल विकास विभाग को ही सौंपी है।
यह मामला एमसीबी जिले के खड़गवां ब्लॉक के चनवारीडांड (रतनपुर) का है। यहां 10 फरवरी को 189 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया था। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल समेत कई अन्य नेता और अधिकारी शामिल हुए थे।
शादी के कुछ ही दिनों बाद जब दुल्हनों के मंगलसूत्र काले पड़ने लगे, तो शक होने पर चार नवविवाहिताओं ने बाजार के सराफा कारोबारियों से जांच कराई। जांच में पता चला कि वह चांदी या सोने का नहीं बल्कि गिलट का बना हुआ है। इस गंभीर लापरवाही और धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद जिला कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को जांच सौंप दी है।



