जीएसटी में 4 साल पहले हुई 42 इंस्पेक्टरों की नियुक्ति रद्द, सभी वापस बाबू बन जाएँगे… जांच रिपोर्ट पर सरकार का फैसला, कोर्ट में कैविएट भी दाखिल

छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर (GST) विभाग में चार साल पहले 42 वाणिज्यिक कर निरीक्षकों (Tax Inspectors) की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। राज्य सरकार ने 26 जून 2022 को आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा को शून्य (निरस्त) घोषित कर दिया है, जिसके आधार पर 1 जुलाई 2022 को यह चयन आदेश जारी हुआ था। इस कार्रवाई के बाद सभी 42 कर्मचारियों को उनके मूल पद (लिपिक/बाबू) और पुरानी पदस्थापना पर वापस भेज दिया जाएगा। इस मामले में सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट में कैविएट (Caveat) भी दायर कर दिया है। इसका मतलब यह है कि यदि प्रभावित 42 कर्मचारियों में से कोई भी इस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाता है, तो सरकार का पक्ष सुने बिना कोई एकतरफा आदेश या स्टे (Stay) जारी नहीं होगा।
इस बड़े फैसले की वजह ये है कि राज्य सरकार द्वारा गठित जांच समिति को इस भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और गंभीर खामियां मिली हैं। अधिकृत सूत्रों के अनुसार जाँच में आया है कि कई चयनित अभ्यर्थियों की कॉपियों में उत्तर बिल्कुल एक समान थे। ये काफी हद तक मॉडल आंसर और जीएसटी (GST) की धाराओं से मेल खा रहे थे। इसी तरह, गणित के कठिन सवालों के जवाब बिना किसी रफ वर्क या कैलकुलेशन के सीधे उत्तर पुस्तिका में लिखे पाए गए। प्रश्नपत्र में डॉ. खूबचंद बघेल की जीवनी पर पूछे गए निबंध में भी कई उम्मीदवारों के निबंध बिल्कुल एक जैसे थे। यही नहीं, कॉपियों की दोबारा जांच (पुनर्मूल्यांकन) में कुछ अभ्यर्थियों के नंबर बढ़े , जिससे वे मेरिट लिस्ट में शामिल हो सके। इस प्रक्रिया में चयन समिति के अधिकारी भी शामिल थे। जांच के दौरान परीक्षा केंद्र की उपस्थिति पंजी (Attendance Register) और परीक्षा सामग्री (कॉपियों की खरीदी-बिक्री का हिसाब) का मूल रिकॉर्ड ही गायब मिला। एक और बड़ी ख़ामी यह निकली कि आरक्षण नियमों की अनदेखी हुई। परीक्षा से पहले रोस्टर प्रणाली के तहत वर्गवार पदों का बंटवारा नहीं किया गया था, जिससे पात्र कर्मचारियों को समान अवसर नहीं मिल पाया। उत्तर-पुस्तिकाओं में गोपनीयता के लिए कोडिंग नहीं की गई थी, जिससे कॉपी जांचने वाले को आसानी से पता चल सकता था कि कॉपी किस अभ्यर्थी की है। परीक्षा इन्हीं कारणों से शून्य घोषित कर दी गई।



