राज्यसभा में कांग्रेस से कौन..? भूपेश का इंकार, दीपक बैज-अमरजीत या कोई महिला… या हमेशा की तरह नार्थ इंडिया से कोई नेता-वकील
छत्तीसगढ़ की पांच राज्यसभा सीटों में से दो खाली हुई हैं, जिनमें से एक कांग्रेस और एक भाजपा को मिलनी हैं। भाजपा ने अपना एक प्रत्याशी घोषित कर दिया है, इसलिए यहां निर्विरोध निर्वाचन की संभावना बन रही है। कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है पर कुछ नाम चल रहे हैं। चर्चा थी कि भूपेश बघेल राज्यसभा जाएंगे और पाटन विधानसभा चुनाव चैतन्य बघेल लड़ सकते हैं। लेकिन भूपेश ने राज्यसभा जाने की संभावना को खारिज करते हुए इन अटकलों का पटाक्षेप कर दिया है। पार्टी में अभी दीपक बैज का नाम जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार अमरजीत भगत भी दिल्ली में राज्यसभा के लिए लाबिंग कर रहे हैं। फूलोदेवी नेताम, मोहन मरकाम और शिव डहरिया के नाम भी आ रहे हैं। लेकिन पार्टी में ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जैसा अक्सर हो रहा है, आखिरी वक्त पर दिल्ली से नार्थ इंडिया के किसी नेता या वकील का नाम राज्यसभा की एक सीट के लिए आ सकता है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार कांग्रेस की लिस्ट आज देर रात आ सकती है।
इससे पहले तक छत्तीसगढ़ के पांच में से चार राज्यसभा सांसद कांग्रेस से थे। इनमें केवल फूलोदेवी नेताम ही लोकल थीं। शेष राजीव शुक्ला, रंजीता रंजन और केटीएस तुलसी छत्तीसगढ़ से नहीं थे। रंजीता रंजन के अलावा शेष दोनों का छत्तीसगढ़ प्रवास भी नहीं के बराबर रहा। अब फूलोदेवी और केटीएस तुलसी का कार्यकाल खत्म हो गया है। एक सीट विधायक संख्या के हिसाब से भाजपा के खाते में चली गई है। भाजपा ने पहले ही एक स्थानीय को राज्यसभा सांसद बना रखा है और दूसरा टिकट भी स्थानीय नेत्री को ही दिया है। कांग्रेस के अभी दो राज्यसभा सांसद बचे हैं, दोनों स्थानीय नहीं हैं। तीसरी सीट पर कांग्रेसी उम्मीदवार की जीत होगी लेकिन अभी पार्टी से इसकी घोषणा नहीं हुई है। कांग्रेस के दावेदारों ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के अधिकांश कांग्रेस नेताओं की नजर इस पर है कि पार्टी इस एक सीट पर स्थानीय को टिकट देगी, या फिर कोई बाहरी नेता आएगा। अगर कांग्रेस किसी बाहरी नेता को राज्यसभा का टिकट देकर भेजती है, तो समीकरण ऐसा होगा कि छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के तीनों राज्यसभा सांसद बाहरी हो जाएंगे, एक भी स्थानीय नहीं रहेगा। इसके विपरीत, भाजपा के दोनों राज्यसभा सांसद स्थानीय होंगे, यह तय हो चुका है। कांग्रेस की ओर से पूरे बाहरी और भाजपा के दोनों स्थानीय, राज्यसभा के सांसदों के इस संभावित गणित को लेकर भी छत्तीसगढ़ के नेता आशंकित तो हैं। फिलहाल, तथ्य ये है कि अभी कांग्रेस से नाम नहीं आया है। एक समीकरण महिला वाला भी है। छत्तीसगढ़ की महिला नेत्रियों का मानना है कि फूलोदेवी नेताम की जगह किसी स्थानीय महिला नेत्री को मौका दिया जा सकता है। पूर्व में इसी समीकरण के तहत कांग्रेस ने छाया वर्मा को राज्यसभा में भेजा था।



