विष्णुदेव साय कैबिनेट ने खोला रियायतों का पिटारा… छत्तीसगढ़ के युवाओं को नौकरी देने वाले उद्योगों को सहूलियतें… नई यूनिवर्सिटी के रास्ते खुले… कलाकारों की सालाना पेंशन 36 हजार रु बढ़ाई

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय की कैबिनेट ने बुधवार को हुई बैठक में छोटे-छोटे लेकिन अहम फैसले इस तरह लिए हैं, जिनसे बड़े वर्ग, खासकर युवाओं के लिए ढेरों रियायतें हैं। एक बड़ा फैसला यह है कि जो भी उद्योग बाहर से आएंगे, अगर उनमें छत्तीसगढ़ के युवाओं को अधिकांशतः नौकरी दी जाएगी तो उनको सरकार की ओर से कई रियायतें दी जाएंगी। इसी तरह, रोजी-रोजी की दिक्कतों से जूझ रहे कलाकारों की सालाना पेंशन में सरकार ने सीधे 3 हजार रुपए महीने की वृद्धि कर दी है। कलाकारों को अभी सालाना 24 हजार रुपए दिए जा रहे थे, जो सीधे बढ़ाकर 60 हजार रुपए कर दिए गए हैं। सरकार ने खिलौना और कपड़ा उद्योग तथा नई हाईटेक खेती के लिए कई सहूलियतों की घोषणा की है। साय कैबिनेट की दोपहर 12 बजे शुरू होकर दो घंटे से ज्यादा चली है। बैठक में सबसे पहला फैसला यह हुआ है कि अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू किया जाएगा।
साय कैबिनेट ने तय किया है कि सीएम शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत अब स्कूलों की सोशल आडिट होगी और इस आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कमजोर शालाओं की नियमित मॉनीटरिंग होगी। मॉडल स्कूल चुने जाएंगे और वहां के टीचर्स को अपेक्षाकृत कमजोर स्कूलों में पढ़ाने के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा साय कैबिनेट ने कलाकारों को दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह कर दिया है। यह योजना 1986 में न्यूनतम सहायता राशि 150 रुपये और अधिकतम 600 रुपये के साथ शुरू की गई थी। अभी हर कलाकार को सालाना 24 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, जो संशोधन के बाद बढ़कर 60 हजार रुपये हो जाएगी।
औद्योगिक विकास को गति देने वाले संशोधन
सीएम साय और उनकी कैबिनेट ने मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने एवं भूमि आबंटन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन के प्रस्ताव मंजूर किया है। इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों, लैंड बैंक तथा अन्य भूमि खंडों के आबंटन की प्रक्रिया में और अधिक स्पष्टता व पारदर्शिता आएगी। इसके अलावा, कैबिनेट ने प्रदेश में इज आफ लिविंग को बढ़ावा देने हेतु, न्यूनतम 500 विद्यार्थी क्षमता के कक्षा पहली से 12वीं निजी सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल एवं मल्टिप्लेक्स युक्त मिनी मॉल से वंचित प्रदेश के नगरीय क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र से भिन्न विकासखण्ड मुख्यालय से 10 किलोमीटर की परिधि तक के क्षेत्र में प्रथम तीन इकाई को थ्रस्ट सेक्टर की भांति सम्मिलित किया जाएगा।



