पहलगाम हमले में मृत रायपुर के दिनेश मिरानिया का अंतिम संस्कार… 15 साल के बड़े बेटे शौर्य ने दी मुखाग्नि… मुंबई दौरा छोड़कर लौटे सीएम साय भी शामिल

पहलगाम में बुधवार को हुए हमले में आतंकवादियों की गोली से मृत रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया (अग्रवाल) का गुरुवार को सुबह मारवाड़ी श्मशान गृह में अंतिम संस्कार कर दिया गया। मिरानिया के पुत्र शौर्य ने मुखाग्नि दी। आतंकियों ने पहलगाम में जब मिरानिया को गोली मारी, शौर्य और भाई तथा मां भी उनके साथ थे। स्व. मिरानिया की शवयात्रा उनके निवास से निकली, जिसमें बड़ी संख्या में परिजन तथा रायपुर के लोगों के साथ सीएम विष्णुदेव साय भी शामिल हुए। सीएम साय के आज रात तक मुंबई में कार्यक्रम निर्धारित थे, जिन्हें कैंसिल कर वे सुबह ही रायपुर लौट आए और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। दिनेश मिरानिया चैंबर के सदस्य थे तथा जवाहर नगर में उनका मशीनरी का कारोबार है। उनकी शवयात्रा में चैंबर पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में राजधानी के कारोबारी भी शामिल हुए।
स्व. दिनेश मिरानिया का निवास गरबा मैदान, चौबे कालोनी में है। उनका शव कल रात रायपुर लाया गया और अंतिम दर्शन के लिए निवास पर ही रखा गया। श्रद्धांजलि देने के लिए उनके निवास पर रातभर बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। शवयात्रा सुबह निवास से ही मारवाड़ी श्मशान के लिए निकली। इसमें सीएम साय के अलावा भाजपाध्यक्ष किरण देव, मंत्री विजय शर्मा और ओपी चौधरी, केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, वरिष्ठ विधायक राजेश मूणत, नान चेयरमैन संजय श्रीवास्तव और समाजसेवी योगेश अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में भाजपा नेता तथा परिजन मौजूद थे और सबने अर्थी को कंधा दिया। बेटे शौर्य ने चिता को मुखाग्नि दी।
मिरानिया के नाम पर सड़क या चौक का नामकरण
सीएम साय ने शोकाकुल परिवारजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। सीएम ने कहा कि स्वर्गीय मिरानिया की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने लिए सरकार किसी सड़क या चौक का नामकरण उनके नाम पर करेगी। मीडिया से संक्षिप्त चर्चा में सीएम साय ने कहा कि आतंकवादियों की इस कायराना हरकत ने देश की आत्मा पर चोट की है। इस घिनौनी वारदात में छत्तीसगढ़ ने भी अपना एक बेटा खोया है। पूरा देश एकजुटता के साथ इस अमानवीय कृत्य का बदला लेगा। पाकिस्तान को इस हमले का अंजाम भुगताना पड़ेगा।



