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छत्तीसगढ़ के रत्न अमिताभ जैन चीफ सेक्रेटरी पद से होंगे रिटायर… पुराने एमपी में बोर्ड के टॉपर बने, फिर नहीं रुके… मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में रायपुर समेत कई जिलों में की कलेक्टरी

छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर 2020 को चीफ सेक्रेटरी बने और 30 जून, सोमवार को इसी पद से रिटायर होने जा रहे आईएएस अमिताभ जैन को यूपीएससी, पीएससी तथा दूसरे कॉम्पिटिटिव एग्जाम देने वाले हजारों-हजार युवा अपना आदर्श मानते रहे हैं। दुर्ग में जन्मे और दल्ली-राजहरा में स्कूलिंग पूरी करने वाले अमिताभ जैन ने पूरे मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़ सहित) को 2981 में 11 वीं बोर्ड में टॉप करके न सिर्फ सबको चौंकाया था बल्कि शिक्षा जगत में दुर्ग जिला पूरे अविभाजित एमपी में चमकते सितारे की तरह उभर गया था। इसलिए दुर्ग और बालोद ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी अमिताभ जैन को किसी रत्न से कम नहीं समझती। बोर्ड में टॉप करने के बाद से यूपीएससी में सलेक्ट होकर आईएएस बनने तक अमिताभ जैन का न केवल शैक्षणिक कैरियर गौरवशाली रहा, बल्कि कलेक्टर और सचिव से मुख्य सचिव बनने तक उनका प्रशासनिक कैरियर भी साफ़-सुथरा और उजला है। अमिताभ 30 जून को रिटायर होंगे और शायद बाद में भी सरकार इनकी सेवाएं ले, पर छत्तीसगढ़ में उनकी पहचान अमिट है और आगे भी रहनेवाली है।

आइए आपको अमिताभ जैन के बारे में कुछ जानकारी दें, जो सरकारी तौर पर कई जगह उपलब्ध भी है। छत्तीसगढ़ के 12वें मुख्य सचिव के रूप में पदस्थ आईएएस अमिताभ जैन का जन्म 21 जून 1965 को दुर्ग में हुआ। उनकी स्कूल शिक्षा छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा से हुई है। अविभाजित मध्यप्रदेश में हायर सेकेंडरी 11वीं बोर्ड में वे टॉपर रहे हैं। भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात श्री जैन ने आईआईटी दिल्ली से एम.टेक की डिग्री ली। इसके बाद वे यूपीएससी में भी सलेक्ट हुए और 1989 बैच मिला। भारतीय प्रशासनिक सेवा अफसर के रूप में अमिताभ जैन की पहली पोस्टिंग अविभाजित मध्यप्रदेश के जबलपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में जून, 1990 में हुई। जिला प्रशासन में उन्होंने नीमच, बैकुंठपुर तथा ग्वालियर में कार्य किया। इसके बाद अविभाजित एमपी में उन्होंने राजगढ़, छतरपुर, होशंगाबाद में कलेक्टर के रूप में सेवाएं दीं।

छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद अमिताभ जैन रायपुर और बिलासपुर में कलेक्टर रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन में सचिव, प्रमुख सचिव और अपर मुख्य सचिव के रूप में विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के दायित्वों का निर्वहन किया। चार साल तक राज्य के वित्त सचिव रहने से पूर्व उन्होंने राजभवन, वाणिज्य एवं उद्योग, लोक निर्माण, जनसम्पर्क, आबकारी, वाणिज्यिक कर (जीएसटी), वन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, गृह जेल, परिवहन, जल संसाधन विभागों में कार्य किया है। भारत सरकार में सात वर्षीय प्रतिनियुक्ति के दौरान अमिताभ जैन वाणिज्य मंत्रालय में डायरेक्टर/संयुक्त सचिव तथा लंदन स्थित भारतीय हाई कमीशन में मिनिस्टर (आर्थिक) भी रह चुके हैं। अगले कुछ दिन में स्पष्ट हो जाएगा कि रिटायर होने के बाद भी सरकार और छत्तीसगढ़ में उनकी क्या भूमिका रहने वाली है।

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