रायपुर साहित्य उत्सव शुरू, देशभर से 120 साहित्यकार जुटे… सीएम साय ने इस उत्सव को बताया साहित्य का महाकुंभ

छत्तीसगढ़ राज्य के 25 साल पूरे होने के मौके पर राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आज से तीन दिवसीय साहित्य उत्सव शुरू हो गया उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश मौजूद रहे। रायपुर साहित्य उत्सव में देशभर से 120 से ज्यादा प्रसिद्ध साहित्यकार हिस्सा ले रहे हैं। कुल 42 सत्रों में समाज, संस्कृति, लोकतंत्र और समकालीन मुद्दों पर गहन चर्चा होगी।
रायपुर साहित्य उत्सव के उद्घाटन सत्र में में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा और मशहूर अभिनेता-रंगकर्मी मनोज जोशी भी विशेष अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के 25 वर्ष पर आधारित पुस्तिका और कॉफी टेबल बुक, जे. नंदकुमार की किताब नेशनल सेल्फहुड इन साइंस, प्रो. अंशु जोशी की लाल दीवारें, सफेद झूठ और राजीव रंजन प्रसाद की तेरा राज नहीं आएगा रे किताबों को विमोचन हुआ।
उप सभापति हरिवंश ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि एक अच्छी किताब और लेखक पूरी दुनिया बदल सकते हैं। साहित्य समाज को दिशा देता है, आशा जगाता है और जीवन में साहस भरता है। उन्होंने कबीर के छत्तीसगढ़ से जुड़ाव का भी जिक्र किया और कहा कि आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें साहित्य की बड़ी भूमिका है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। यह उत्सव साहित्य का महाकुंभ है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की तुलना समुद्र मंथन से की और याद दिलाया कि माखनलाल चतुर्वेदी, माधवराव सप्रे, गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे साहित्यकारों ने देश को प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कविता अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती है। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की कविताओं और दुष्यंत कुमार की पंक्तियों का जिक्र करते हुए युवाओं से साहित्य से जुड़ने की अपील की।



