माओवादी कमांडर सुधाकर उर्फ गौतम का शव एके-47 के साथ मिला… पापाराव की मौजूदगी थी, पर शायद भाग निकला… बसवराजू के बाद नक्सलियों संगठनों को बड़ा झटका

बीजापुर के नेशनल पार्क एरिया में गुरुवार को सुबह से चली मुठभेड़ के बाद फोर्स ने माओवादियों की सेंट्रल कमेटी के मेंबर तथा शीर्ष नक्सली कमांडर गौतम उर्फ सुधाकर का शव मिलने की पुष्टि कर दी है। उसके शव के पास एके-47 राइफल भी मिली है। सुधाकर उर्फ गौतम एक करोड़ रुपए का ईनामी था। फोर्स ने नेशनल पार्क एरिया में जिस जगह माओवादियों को घेरा था, वहां सुधाकर के अलावा एक और दुर्दांत कमांडर पापाराव की मौजूदगी की भी सूचना थी, लेकिन संभवतः वह बचकर भाग निकला। फोर्स अभी जंगलों में सर्चिंग कर रही है। नक्सली संगठनों को शीर्ष कमांडर बसवराजू की मौत से बड़ा झटका लगा था, अब सुधाकर के मारे जाने से नक्सलियों में अफरातफरी के हालात हैं। इसी के साथ, पिछले एक साल में बस्तर में 403 नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनसे माओवादियों का शीर्ष नेतृत्व भी खात्मे के कगार पर पहुंच गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक फोर्स को सूचना मिली थी कि नेशनल पा्रर्क एरिया में कई बड़े माओवादी मौजूद हैं। इनमें केंद्रीय समिति सदस्य गौतम उर्फ सुधाकर, तेलंगाना, राज्य समिति सदस्य बांदी प्रकाश, दंडकारण्य स्पेशल जोनल समिति सदस्य पापा राव तथा कुछ अन्य बड़े माओवादियों की मौजूदगी का इनपुट था। सूचना के आधार पर जिला रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF), और कोबरा (CoBRA) के जवानों की टीम ने जंगल में घेरा डाला और गुरुवार को सुबह मुठभेड़ शुरू हुई। कुछ घंटे की मुठभेड़ के बाद फोर्स ने सर्चिंग शुरू की, तो सुधार का शव और एक AK-47 राइफल बरामद की। सुधाकर उर्फ गौतम कुख्यात माओवादी नेता था, जो कई हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार था। इन वारदातों में कई निर्दोष आदिवासियों की मृत्यु तथा सुरक्षाबलों के जवानों की शहादत हुई थी। माओवादी वैचारिक प्रशिक्षण समिति (RePOS) का प्रभारी होने के नाते सुधाकर गौतम युवाओं को हिंसक और राष्ट्रविरोधी विचारधारा के ज़रिए गुमराह करने में भी सक्रिय था। अफसरों के मुताबिक केंद्रीय कमेटी मेंबर सुधाकर उर्फ गौतम की मृत्यु संगठन के लिए एक गंभीर झटका है।



