दफ्तर में अफरातफरी और हर काम धीमा… डिप्टी सीएम ने वजह पूछी तो जवाब अजीबोगरीब… कुम्हारी के नगरपालिका सीएमओ सस्पेंड
सुशासन तिहार के तीसरे चरण में समाधान शिविरों का दौर चल रहा है, सीएम विष्णुदेव साय तो रोजाना औचक निरीक्षण कर ही रहे हैं, मंत्रियों को भी ऐसा करने के निर्देश हैं। इसी निर्देश के तहत डिप्टी सीएम अरुण साव शनिवार को सुशासन तिहार में आए आवेदनों का अपडेट लेने तथा लोगों की समस्याएं जानने के लिए कुम्हारी नगर पालिका पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार डिप्टी सीएम ने नगरपालिका के दफ्तर में अफरातफरी जैसे हालात देखे। पीएम आवास से लेकर अमृत मिशन तक के काम बेहद धीमे थे। दफ्तर में कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित थे। दस्तावेज भी आधे-अधूरे मिले, तो डिप्टी सीएम ने नगरपालिका के सीएमओ नेतराम चंद्राकर को तलब किया और उन्हें फटकार लगाई। सरकारी विज्ञप्ति बता रही है कि इस दौरान सीएमओ चंद्राकर के जवाब अजीब तथा अशोभनीय थे। इसके कुछ देर बाद राज्य शासन ने सीएमओ चंद्राकर को सस्पेंड कर दिया है। सुशासन तिहार के दौरान नगरपालिका सीएमओ के निलंबन की यह पहली कार्रवाई है। देर शाम शासन ने सीएमओ चंद्राकर का निलंबन आदेश जारी करते हुए सस्पेंशन अवधि में उन्हें दुर्ग में अटैच कर दिया है।
मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम के औचक निरीक्षण के दौरान कुम्हारी नगरपालिका में पदस्थ अधिकांश अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति पंजी एवं निष्ठा एप में उपस्थिति नहीं पाई गई। नगर पालिका की कैशबुक एवं अकाउंट्स अधूरे मिले। कुम्हारी में पेयजल संकट की काफी शिकायतें पाई गईं। अमृत मिशन और अटल परिसर के निर्माण की प्रगति अत्यंत धीमी थी। राजस्व वसूली, पीएम आवास और अन्य निर्माण कार्य धीमे पाए गए। यहां तक कि सुशासन तिहार में आवेदनों का निराकरण भी काफी पेंडिंग था। जब डिप्टी सीएम साव ने जवाब लेना शुरू किया, तो सीएमओ नेतराम चन्द्राकर संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए। इस दौरान उनकी भाषा-शैली भी अशोभनीय थी। ऐसे में राज्य शासन ने कुम्हारी नगर पालिका के सीएमओ को गंभीर कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय दुर्ग नियत किया गया है।



