श्मशान में आधी रात बीमार युवती को सामने रखकर यूपी के पंडितों के साथ तंत्र-मंत्र… नरबलि के शक से बवाल, पुलिस श्मशान से महिलाएं समेत 12 लोगों को ले गई
छत्तीसगढ़ में पिछले चार-पांच महीने से खजाने से भरे हंडे की तलाश में तंत्र-मंत्र (चापन झरन) जैसे अंधविश्वास से जुड़ी खबरें लगातार आ रही हैं, लेकिन मंगलवार को आधी रात बिलासपुर के कोनी इलाके में आधी रात श्मशान में चल रही तंत्र-मंत्र क्रियाओं से बवाल मच गया। कुछ लोगों ने श्मशान में पीपल पेड़ के नीचे बेहद बीमार युवती के साथ दर्जनभर लोगों को काला कपड़ा, नींबू-मिर्च, दीया तथा अन्य वस्तुओं के सात साधना करते देखा। थोड़ी देर में बात फैली तो गांव में बवाल मच गया। लोगों को युवती के लगभग अर्द्ध बेहोशी की स्थिति से शक हुआ कि कहीं बलि का चक्कर तो नहीं है। पुलिस को खबर देकर लोग श्मशान के सामने पहुंच गए। इस बीच पुलिस पहुंची और श्मशान से 12 लोगों को उठाकर ले गई, जिनमें चार महिलाएं थीं। पुलिस अनुष्ठान के काम में लाई जा रही सारी सामग्री भी जब्त करके ले गई, ताकि इस वजह से कोई और अफवाह न फैले।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई कि चकरभाठा इलाके के एक गांव से परिवार बीमार युवती को लेकर आया था। परिवार के कुल पंडित उत्तरप्रदेश के हैं। दो-तीन पंडित तथा शेष परिवार के लोग युवती को लेकर बिलासपुर के आउटर में कोनी इलाके के निरतू गांव के श्मशान में पहुंचे और पीपल के पेड़ के नीचे अनुष्ठान शुरू किया था। अब तक जो बात आई है, उसके अनुसार मामला बलि जैसा नहीं, बल्कि बीमार युवती को ठीक करने के लिए किए जाने वाले तंत्र-मंत्र का था। चूंकि यह क्राइम नहीं है, इसलिए पूछताछ तथा चेतावनी के साथ इन लोगों को छोड़े जाने की सूचना है।



