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देश में पहली बार हाईड्रोजन फ्यूल से ट्रक चला छत्तीसगढ़ में… 200 किमी दूर तक 40 टन माल ट्रांसपोर्ट कर सकेगा… सीएम साय ने इस पहले ट्रक को दिखाई झंडी

छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है, जहां हाईड्रोजन गैस के ईंधन का ट्रक चल पड़ा है। यह ट्रक भारतीय और फारेन टेकनिक की साझेदारी से बनाया गया है। हाईड्रोजन फ्यूल ऐसा है कि न पेट्रोल-डीजल की तरह धुंआ निकलेगा, न ही इंजन की आवाज मौजूदा ट्रक-हाईवा जैसी होगी। यह धुआं छोड़े बिना बिलकुल खामोशी से चलेगा। इसकी क्षमता 40 टन माल 200 किमी तक ले जाने की होगी। इसका इस्तेमाल गारे-पेल्मा खदान में लोहा ढुलाई के लिए किया जाएगा। देश में हाईड्रोजन फ्यूल वाले इस पहले ट्रक को सीएम विष्णुदेव साय ने शनिवार को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने ही ट्रक के दस्तावेजों में दस्तखत कर इसके ड्राइवर को चाबी सौंपी। सीएम साय ने सीएम हाउस में ट्रक को हरी झंडी दिखाने के बाद इस अभिनव पहल के लिए सीएसपीजीसीएल और अडानी नैचरल रिसोर्सेस को शुभकामनाएं भी दी हैं।

हाइड्रोजन प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है। खास बात यह किसी भी प्रकार का हानिकारक उत्सर्जन नहीं करता है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाले वाहन डीज़ल ट्रक जितनी दूरी और लोड उठाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन धुएं के बजाए ये सिर्फ पानी की भाप और गर्म हवा ही छोड़ते हैं। आवाज भी कम करते हैं। माइनिंग क्षेत्र में अधिकांश मशीनें मुख्य रूप से डीज़ल से ही चलती हैं।  ऐसे में स्वच्छ ईंधनों को अपनाने से प्रदूषण और शोर को कम करने में मदद मिलेगी। सीएम ने आज जिस ट्रक को रवाना किया, उसमें ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन का उपयोग होगा। ऐसा हर ट्रक स्मार्ट तकनीक और तीन हाइड्रोजन टैंक से लैस होगा। इसकी 200 किमी 0दूरी तक 40 टन माल ले जाने की क्षमता होगी।  सीएम साय ने बताया कि भारत के पहले हाइड्रोजन फ्यूल्ड लॉजिस्टिक ट्रक का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में हो रहा है। हमारे पीएम नरेंद्र मोदी का ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने पर फोकस है। छत्तीसगढ़ खनिज संपदा समृद्ध प्रदेश है और इस ट्रक का उपयोग खनिज परिवहन में होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इस मौके पर अडानी एंटरप्राइजेस के नैचरल रिसोर्सेस के सीईओ डॉ. विनय प्रकाश ने भी अपने विचार साझा किए और इस पहल को खनन क्षेत्र में सतत विकास के लिए मील का पत्थर बताया।

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