तेजतर्रार आईपीएस जितेंद्र शुक्ला केंद्र में डेपुटेशन पर… अभी छत्तीसगढ़ से दमदार अफसरों के जाने की इच्छा चौंकाने वाली
छत्तीसगढ़ में दुर्ग समेत कुछ जिलों में एसपी रहकर दमदार और ताकतवर पुलिसिंग के लिए पहचान बना चुके आईपीएस जितेंद्र शुक्ला ने केंद्र में प्रतिनियुक्ति ले ली है और कुछ दिन में यहां से रवाना हो जाएंगे। जितेंद्र शुक्ला अपनी तेजतर्रार छवि और पुलिस के इकबाल के नाम पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने करने की वजह से कई बार विवादित भी हुए, लेकिन आईपीएस कैडर में उनकी एसपी-शिप की सीनियर्स तो नहीं लेकिन जूनियर्स में काफी चर्चा रहती है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जितेंद्र शुक्ला ने डेपुटेशन के लिए कुछ दिन पहले ही एप्लाई किया था। केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से उनकी डेपुटेशन मंजूर कर दी और ब्लैक कैट कमांडो वाली एनएसजी में ग्रुप कमांडर नियुक्त किया, जो एसपी के समकक्ष पद है।
केंद्र सरकार में डेपुटेशन पर जाना रूटीन की प्रक्रिया है और केंद्रीय सेवाओं के अफसर अपने करियर में नया माइलस्टोन सेट करने के लिए जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से छत्तीसगढ़ में नई परिपाटी शुरू हुई है। केंद्रीय सेवाओं के कई अफसर पिछली सरकार में भी राजनैतिक बदले की आशंका से चुपचाप केंद्र में डेपुटेशन पर चले गए थे। अभी दिल्ली और छत्तीसगढ़, दोनों जगह भाजपा की सरकारें हैं। उम्मीद की जा रही थी कि अब तक कोई नहीं जाएंगे, लेकिन दो साल में कई अफसर डेपुटेशन पर दिल्ली की राह पकड़ चुके हैं। इनमें से कुछ के जाने पर राजनैतिक चर्चाएं भी छिड़ीं। जितेंद्र शुक्ला का डेपुटेशन पर जाना इस कड़ी में बड़ी घटना है। आम लोगों के लिए यह पिछली सरकार ने एक-दो कद्दावर अफसरों के डेपुटेशन पर जाने का नुकसान उठाया था। संभवतः जितेंद्र शुक्ला उसी कैटेगरी के पुलिस अफसर हैं, जिन्हें इस सरकार को डेपुटेशन पर बिलकुल जाने नहीं देना चाहिए, ऐसा काफी लोगों को लग रहा है।



