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देश में पिछले साल चर्चा में आया बस्तर पंडुम इस बार भी… सीएम साय ने दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में लांच किया लोगो-थीम सांग

छत्तीसगढ़ में बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने की वजह से पिछले साल देशभर में चर्चा में बस्तर पंडुम इस बार भी होने जा रहा है। यह पिछले साल की तरह ही इस बार भी भव्य और आकर्षक होगा। बस्तर पंडुम की घोषणा सीएम विष्णुदेव साय और कई मंत्रियों ने शुक्रवार को दंतेवाड़ा में की। सीएम साय ने दंतेवाड़ा में ही मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो एवं थीम सांग लांच कर दिया।

गुडि़यों के माध्यम से इन परंपराओं और संस्कृति को जीते हैं। पिछले वर्ष हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी। समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस वर्ष हम राष्ट्रपति , केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री तथा भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को भी आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर बस्तरवासियों का जो उत्साह और जोश देखने को मिला, वह अभूतपूर्व था। इस बार हम इसे और अधिक भव्य बना रहे हैं, ताकि यहाँ की धरोहर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सके।

पिछले साल की कामयाबी की वजह से इस बार बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। इनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति के साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को भी जोड़ा गया है। बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा। सीएम साय ने इस मौके पर कहा कि हमारी सरकार का संकल्प बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा। यह उत्सव बताता है कि बस्तर अब संघर्ष से नहीं, बल्कि सृजन और उत्सव से पहचाना जाएगा। सीएम ने बस्तर के सभी कलाकारों से आग्रह किया कि वे अपनी कला के माध्यम से बस्तर का गौरव बढ़ाएँ और अधिक से अधिक संख्या में बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लें।

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