अबूझमाड़ में शीर्ष नक्सली को मार गिराने के बाद 50 किमी भीतर पहुंची पहली बस… नारायणपुर से रोजाना कुतुल, रास्ते में कई गांव जहां था नक्सली राज

बस्तर में बेहद घने जंगलों के लिए देशभर में विख्यात अबूझमाड़ में शीर्ष नक्सली नेता बसव राजू को मार गिराने से फोर्स और सरकार के हौसले कितने बुलंद हैं, इसकी एक बानगी देखिए। बसव राजू के मारे जाने के 10 दिन के भीतर नारायणपुर प्रशासन ने साय सरकार की अनुमति लेकर नारायणपुर से अबूझमाड़ के जंगलों में 50 किमी भीतर कुतुल तक सीधी बस सर्विस शुरू कर दी है। मंगलवार को पहली बस नारायणपुर से कुतुल गई और वहां से लौट आई। कुतुल और आसपास के इलाके के बारे में बता दें कि यह ऐसा दुर्दांत नक्सल प्रभावित इलाका रहा है, जहां नक्सली सड़कें तक नहीं बनाने दे रहे थे। यह बस कुरुसनार, बासिंग, कुंदला, कोहकामेटा, ईरकभट्टी, कच्चापाल और कोडलियर जैसे दूरस्थ गांवों से भी गुजरी, जहां बस सेवा किसी सपने से कम नहीं थी। इस बस का किराया काफी कम रखा गया है, ताकि सुदूर जंगलों के वनवासी इसे अफोर्ड कर सकें।
यह बस जिस सड़क से गुजरी, दो-तीन साल पहले तक वहां पगडंडियों के अलावा कोई और रास्ता नहीं था। बरसात के चार महीने में तो यह पूरा इलाका शेष दुनिया से ही कट जाता था। अगर कोई ग्रामीण बीमार हो जाए तो उसे लकड़ी का कांवर बनाकर मीलों पैदल चलते हुए ग्रामीण नारायणपुर के आसपास से सरकारी अस्पतालों में पहुंचते थे। रेगुलर बस शुरू होने से अब यह दिक्कतें दूर होंगी। इसके अलावा मंगलवार को नारायणपुर से मसपुर तक भी 14 गांवों के लिए बस शुरू की गई है। इस रूट पर कई जगह 4-जी मोबाइल टॉवर भी लगाए गए हैं, जिनसे ग्राम कस्तुरमेटा, मसपुर, ईरकभट्टी, मोहन्दी, होरादी, गारपा और कच्चापाल के लोग अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़ पा रहे हैं।



