दो और ओरिजिनल बांग्लादेशी दुर्ग में अरेस्ट… बंगाल निवासी बताकर 12 साल से निवास… अब तक 7 पकड़े गए दुर्ग से, वहाँ ऐसी क्या सुविधा ?

छत्तीसगढ़ के लिहाज से अहम खबर ये है कि दुर्ग में विदेशियों पर कार्रवाई के लिए बनाई गई एसटीएफ ने बांग्लादेश के दो और ओरिजिनल घुसपैठियों को छावनी कैम्प-2 से गिरफ्तार कर लिया है। अली शेख एवं साथी शेख 12 साल पहले बांग्लादेश सीमा से घुसपैठ कर दुर्ग पहुंचे। वहाँ ख़ुद को पश्चिम बंगाल में 24 परगना ज़िले का निवासी बताते हुए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड और बैंक पासबुक समेत सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट बनवा लिए और रह रहे थे। पिछले कुछ माह में दुर्ग ज़िले में ही सात ओरिजिनल बांग्लादेशी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस सभी को डिपोर्ट करने वाली है।
अफसरों ने बताया कि कुछ दिन पहले सूचना मिली थी कि कैम्प 2 में एक लकड़ी टाल के पास किराए के मकान में एक युवक और युवती रह रहे हैं, जिनके बांग्लादेशी होने का शक है। एसटीएफ ने पूछताछ की तो दोनों ने सारे भारतीय दस्तावेज दिखा दिए। कुछ शंका पर डॉक्यूमेंट्स का एनालिसिस किया गया तो ये फर्जी निकले। फिर पुलिस ने दोनों की हकीक़त पता लगा ली। पकड़े गए पुरुष का असली नाम अब्दुल रौब हुसैन पिता अब्दुल सत्तार खंदोकर, उम्र 48 वर्ष तथा पता गा्रम राजबाड़िया जिला जेस्सोर बांग्लादेश पाया गया। इसी तरह महिला का असली नाम साथी खातून पिता जमशेर सरदार तथा पता निरबासखुला, जेस्सोर बांग्लादेश पाया गया। दोनों के मोबाइल नंबरों से बांग्लादेश में किए जा रहे नियमित कॉल से पुलिस का शक पुख्ता हुआ था। दोनों के ओरिजिनल बांग्लादेशी डॉक्यूमेंट भी मिल गए हैं।
अफ़सरों ने बताया कि दोनों के ख़िलाफ़ क्राइम रजिस्टर किया ही गया है, इनके फर्जी डॉक्यूमेंट बनाने वालों की तलाश भी शुरू कर दी गई है।



