घने जंगल में आधी रात जाकर खंभे पर तार जोड़ने का खतरा… सैकड़ों बिजली कर्मियों ने रातभर ऐसे जोखिम उठाए… इसलिए हमारे-आपके घरों में लाइट और सुकून

रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कुछ हिस्सों में गुरुवार शाम चली भयंकर काली आंधी ने शहरों में बिजली के सिस्टम को छिन्न-भिन्न किया ही, जंगलों से गुज़र रही हाई वोल्टेज लाइनें इस बुरी तरह टूटीं कि शहर-कस्बों और दर्जनों गांव के बिजली तार निर्जीव हो गए। पिछले 24 घंटे में बिजली कर्मचारियों ने इस आपदा से निपटने के लिए ऐसी मेहनत की, इतना जोखिम लिया जैसा सालों साल से देखने में नहीं आया। आप यकीन करेंगे कि इस आंधी ने 1000 से अधिक बिजली खम्भे तथा 1217 जगह तारों को धूल चटा दी। इनमें सैकड़ों खंभे और लाइनें घने जंगलों में थी। जहाँ दिन में पहुंचना कठिन होता है, बिजली कर्मचारी उन दुरूह इलाकों में आधी रात गए। हर तरह का खतरा उठाकर आज दोपहर तक काम किया, बिजली सप्लाई बहाल करने के बाद ही लौटे। कई जगह आज इस खबर के लिखे जाने तक काम चल रहा है।
तेज आंधी-तूफान के कारण रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव तथा जगदलपुर क्षेत्र में पेड़ गिरने तथा तेज हवा के कारण 1000 से अधिक बिजली के खम्भे टूटे। 1217 लाइनें क्षतिग्रस्त हुई जिससे ज्यादातर फीडरों से विद्युत आपूर्ति बंद हो गई। पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी भीमसिंह कंवर ने बताया कि आज की स्थिति में आंधी-तूफान प्रभावित ज्यादातर आबादी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य हो गई हैं। आज भी रात भर कार्य किया जायेगा। वहीं खेतों तथा वन क्षेत्रों में दूसरे चरण में शीघ्र ही सुधार कार्य कर स्थिति को सामान्य बनाया जायेगा। बिजली अफसरों ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण बिजली लाइनों पर पेड़, फ्लेक्स, शेड, होर्डिंग्स तथा अन्य स्ट्रक्चर गिरने के कारण 33 के.व्ही. एवं 11 के.व्ही. नेटवर्क ट्रिप हुआ व आपूर्ति बाधित हुई। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सर्वप्रथम ग्राउंड पेट्रोलिंग करते हुए लाईनों पर गिरे हुए पेड़, फ्लेक्स, शेड, होर्डिंग्स को हटाने की कार्यवाही की गई। अनेक स्थानों पर स्थानीय निकायों तथा जिला प्रशासन की मदद भी लाइन पर गिरी चीजें हटाने में ली गई।
रायपुर ग्रामीण के ईडी संदीप वर्मा ने बताया कि रायपुर ग्रामीण बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद एवं गरियाबंद जिला में बड़े पैमाने पर पेड़ आदि के गिरने के कारण बिजली सिस्टम ध्वस्त हुआ। इस वजह से 350 आबादी बस्तियों में बिजली बंद हो गई। अब तक 45 बस्तियों में कार्य शेष हैं। शेष सभी में आपूर्ति नियमित कर दी गई हैं। इसी तरह, रायपुर शहर के ईडी एम.जामुलकर ने बताया कि शहर में 33 तथा 11 केवी के 36 खम्भे टूटे थे, 126 लाइनें बाधित हुई थी। वहीं निम्न दाब की 430 लाइनें भी बाधित हुई थी। 93 सब स्टेशनों से बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी। रातभर तथा आज दिनभर सुधार का काम चला। हांलाकि रायपुर शहर में 1 मई की शाम 7 बजे से ही रायपुर में बिजली चालू होने लगी थी। जैसे-जैसे सुधार होता गया, आधी रात तक हाई वोल्टेज सिस्टम पूरी तरह सुधार लिया गया। शुक्रवार को दोपहर तक 11 केवी के 49 फीडर भी शुरू कर दिये गये।



