DG पवन देव अब पुलिस हाउसिंग के चेयरमैन… DIG अजातशत्रु को इंटेलिजेंस, अरसे बाद मेनस्ट्रीम में

सीएम विष्णुदेव साय की सरकार ने रविवार को प्रदेश के 20 आईपीएस अफसरों को नई जिम्मेदारी सौंप दी है। सरकार ने आठ एसपी और दो आईजी बदलने के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय में भी कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिनमें पुलिस महानिदेशक (डीजी) से लेकर पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) जैसे अफसर प्रभावित हुए हैं। डीजी पवन देव अभी पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन में एमडी हैं, जिन्हें इसी कार्पोरेशन में चेयरमैन बना दिया गया है। एक अहम बदलाव डीईजी अजातशत्रु बहादुर सिंह की सात साल बाद बड़ी जिम्मेदारी के साथ मेनस्ट्रीम में वापसी का है। रायपुर और दुर्ग में क्राइम ब्रांच के कामकाज में आमूलचूल बदलाव लाने के लिए चर्चित अजातशत्रु को सरकार ने खुफिया विभाग (इंटेलिजेंस) में डीआईजी बना दिया है। इसी तरह, पुलिस मुख्यालय में विशेष आसूचना ब्यूरो (एसआईबी) और सीआईडी को भी नए आईजी मिले हैं। अंकित गर्ग को आईजी एसआईबी तथा ध्रुव गुप्ता को आईजी सीआईडी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह, आईजी बालाजी सोमावार को आईजी-ला एंड आर्डर बनाकर पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। विवेक शुक्ला को एआईजी सीआईडी बनाया गया है। जबकि खैरागढ़ के मौजूदा एसपी त्रिलोक बंसल को एसटीएफ बटालियन, बघेरा में एसपी बनाया गया है।
इस सूची में जिन दो-चार अफसरों की पोस्टिंग को लेकर पब्लिक में चर्चा है, उनमें एक नाम अजातशत्रु बहादुर सिंह का है। अजातशत्रु अभी फायर ब्रिगेड तथा इमरजेंसी सर्विसेज में डायरेक्टर थे। क्राइम इन्वेस्टिगेशन में अभी जिस टेक्निकल एनलिसिस पर फोकस है और इससे बड़ी कामयाबियां हासिल हो रही हैं, तकरीबन एक दशक पहले क्राइम ब्रांच में एएसपी और एसपी रहते हुए अजातशत्रु के कार्यकाल में ही देखने में आ गई थीं। आज भी राज्य पुलिस सेवा कैडर में अधिकांश अफसर अजातशत्रु को अलग शख्सियत के रूप में देखते हैं। उस वक्त भी, जब पूर्ववर्ती सरकार में वे पूरे पांच साल हाशिए में रहे। अजातशत्रु बहादुर सिंह डीएसपी कैडर के हैं और प्रमोट होकर आईपीएस अवार्ड लेते हुए अभी डीआईजी हैं।



