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ज़मीन गाइडलाइन रेट विवाद : सांसद बृजमोहन अपनी पार्टी की सरकार के फ़ैसले के विरोध में… इधर, मंत्रालय के गलियारों से संकेत- गाइडलाइन वृद्धि की वापसी संभव नहीं

ज़मीन की गाइडलाइन दरों में बेतहाशा वृद्धि के फ़ैसले से पूरा प्रदेश उबाल पर है और संबंधित मंत्री के ख़िलाफ़  माहौल बना दिया गया है। भाजपा के ही दिग्गज नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी गाइडलाइन रेट की इस वृद्धि के ख़िलाफ़ खुलकर आ गए हैं। सांसद बृजमोहन ने एक बयान जारी कर गाइडलाइन दरों में वृद्धि को पूरो तरह अव्यावहारिक करार दिया है और सीएम विष्णुदेव साय से आग्रह किया है कि 20 नवंबर 2025 से लागू नई गाइडलाइन दरों की वृद्धि को तत्काल रोका जाए। इन दरों से आम लोगों का जमीन-मकान खरीदना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने विशेषज्ञ समिति बनाकर वास्तविक बाजार मूल्य के आधार पर पुनर्मूल्यांकन कराने की मांग की है। इधर, इस मामले की गूंज सरकार में उच्चस्तर तक है। मंत्रालय के गलियारों में चल रही चर्चाओं से यह संकेत भी मिलने लगे हैं कि विभाग इस वृद्धि को किसी भी स्थिति में वापस नहीं लेने वाला है।

सांसद बृजमोहन ने चिट्ठी लिखकर कहा है कि ने प्रदेश में हजारों की संख्या में किसान, छोटे उद्यमी और कारोबारी वर्ग भूमि खरीद-फरोख्त पर निर्भर हैं। गाइडलाइन दरों में अचानक की गई रिकॉर्ड बढ़ोतरी से न सिर्फ उनकी आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होंगी, बल्कि ग्रामीण और नवागठित नगर क्षेत्रों का विकास भी बाधित होगा उन्होंने कहा कि कि बिना जन-परामर्श और बिना किसी वास्तविक बाजार मूल्य सर्वेक्षण के दरों में 900 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी समझ से परे है। कई क्षेत्रों में भूमि मूल्य वास्तविकता से कई गुना अधिक निर्धारित कर दिया गया है, जिससे आम नागरिक पर अनावश्यक बोझ पड़ेगा।

सांसद बृजमोहन ने बताया कि रायपुर और नया रायपुर के कई गांवों में गाइडलाइन दरें अवास्तविक रूप से बढ़ाई गई हैं। लाभांडी ग्राम की एक भूमि का वास्तविक मूल्य 1.77 करोड़ रुपए था, जिसे नई गाइडलाइन में बढ़ाकर 12.79 करोड़ रुपए कर दिया गया है। एक अन्य भूमि का मूल्य 888 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया, जो सांसद के अनुसार न्यायोचित नहीं है और न ही बाजार स्थिति के अनुरूप। उन्होंने कहा कि 2018-19 में पंजीयन शुल्क 0.8% से बढ़ाकर 4% किया गया था, जिसे अब वापस 0.8% किया जाना चाहिए। उच्च गाइडलाइन दरों के साथ अधिक पंजीयन शुल्क लगाने से आम नागरिक के लिए घर-जमीन खरीदना कठिन हो जाएगा।

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