छत्तीसगढ़ में डेढ़ दर्जन जिलों में हवाई फायरिंग के वीडियो मिले phq को… आईपीएस अंकिता के बाद अब इन सभी को नोटिस, या बीच का कोई रास्ता ?
छत्तीसगढ़ में विजयादशमी (दशहरा) पर पुलिस लाइंस में शस्त्र पूजा के दौरान हर्ष फायरिंग (हवाई फायरिंग) केवल राजनांदगाँव नहीं, बल्कि प्रदेश के डेढ़ दर्जन से ज़्यादा जिलों में पुलिस अफसरों ने की है। राजनांदगांव में एसपी अंकिता शर्मा को एके-47 से हवाई फायरिंग पर पुलिस मुख्यालय ने नोटिस दिया है। ऐसी घटनाएं किन-किन जिलों में हुईं, इसकी जानकारी जुटाते हुए खुद पुलिस मुख्यालय के अफसर चौंके हैं, क्योंकि प्रदेश के डेढ़ दर्जन से ज़्यादा जिलों में शस्त्र पूजन के दौरान हवाई फायरिंग की पुख्ता खबरें मुख्यालय तक आ गई हैं। इन जिलों में राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार, सुकमा, बालोद, बिलासपुर, रायगढ़, कबीरधाम (कवर्धा) और बस्तर शामिल हैं। पीएचक्यू ने बाकायदा इन जिलों में की गई हर्ष फायरिंग के सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो भी बतौर सबूत कलेक्ट कर लिए हैं। इनमें सिर्फ बस्तर के जिलों में हर्ष फायरिंग को नार्मल माना गया है क्योंकि वहाँ परिस्थितियां थोड़ी अलग हैं।
यह पूरा मामला राजनांदगांव की एसपी (महिला IPS) अंकिता शर्मा का साड़ी पहनकर AK-47 से ताबड़तोड़ 8-9 राउंड फायरिंग करने के वायरल हुए वीडियो से उठा है। आईपीएस अंकिता को पुलिस मुख्यालय ने आईजी अजय यादव के माध्यम से आधिकारिक कारण बताओ नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांग लिया है। इसके बाद अलग अलग सूचनाओं पर पुलिस मुख्यालय ने तथ्य जुटाने शुरू किए, तब पता चला के हर्ष फायरिंग डेढ़ दर्जन से ज़्यादा जिलों में हुई है। इनके वीडियो मुख्यालय ने जुटा लिए हैं, लेकिन अब नया सवाल यह आ गया है कि अगर राजनांदगांव एसपी अंकिता को शो कॉज नोटिस दिया गया है, तो फिर यही एक्शन बाकी सभी जिलों पर होना चाहिए। या अगर किसी जिले में नोटिस नहीं दिए जा रहे हैं, तो अकेले राजनांदगांव एसपी अंकिता से जवाब लेना या कार्रवाई करना पक्षपातपूर्ण होगा। ऐसे में दो तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पहला, सभी जिलों को ऐसे नोटिस देकर जवाब तलब किया जाए और जवाब मिलने के बात चेतावनी की चिट्ठी भेजकर मामला खत्म किया जाए। दूसरा, नोटिस देने और कार्रवाई के बजाय मुख्यालय से एक गाइडलाइन जारी कर ऐसी फायरिंग को हतोत्साहित करने तथा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जाएँ, ताकि पुनरावृत्ति न हो।



