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चांद के पार चलो : कल सुबह हमारे उठने से पहले अमेरिकी रॉकेट आर्टेमिस-2 चल पड़ा होगा Moon Mission पर… ऐसा आर्मस्ट्रांग के 53 साल बाद

मानव ने 53 साल बाद चांद पर जाने के लिए फिर पंख पसार लिए हैं। अमेरिकी एजेंसी नासा (NASA) के चंद्रमा मिशन आर्टेमिस II (Artemis II) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। अपोलो से भी ताकतवर रॉकेट आर्टेमिस का प्रक्षेपण 1 अप्रैल 2026 को (भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह 3:54 बजे) होने जा रहा है। चार एस्ट्रोनॉट्स को लेकर रॉकेट चांद की ओर जाएगा। हालांकि ये अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग की तरह चांद पर नहीं उतरेंगे, बल्कि कई चक्कर लगाकर 10 दिन में धरती पर लौट आएंगे।

आर्टेमिस की लांचिंग फ्लोरिडा में नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से होगी। अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा का चक्कर लगाकर पृथ्वी पर लौटेंगे और 10 अप्रैल 2026 के आसपास प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में लैंड करेंगे। फिर बता दें कि आर्टेमिस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेंगे। यह एक ‘फ्लाईबाई’ मिशन है, जिसका अर्थ है कि ओरियन अंतरिक्ष यान चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएगा और वापस आ जाएगा। वास्तविक मानव लैंडिंग आर्टेमिस IV मिशन के साथ 2028 में होने की उम्मीद है।

इस मून मिशन में 4 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जो अंतरिक्ष इतिहास में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
– रीड वाइजमैन (Reid Wiseman) : मिशन कमांडर।
– विक्टर ग्लोवर (Victor Glover) : अश्वेत पायलट।
– क्रिस्टीना कोच (Christina Koch) : मिशन स्पेशलिस्ट (नासा) –  चंद्रमा तक जाने वाली पहली महिला अंतरिक्ष यात्री बनेंगी।
– जेरेमी हैनसन (Jeremy Hansen) : मिशन स्पेशलिस्ट (कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी) – चंद्रमा की यात्रा करने वाले पहले गैर-अमेरिकी नागरिक होंगे।

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