सेप्टिक टैंक में तीन मौतें : रामकृष्ण अस्पताल ने मृतकों के परिजन को दिया 30-30 लाख रु. मुआवजे का चेक… आश्रित को हर माह 20 हजार रु. आजीवन… इलाज तथा शिक्षा खर्च भी उठाएंगे
राजधानी रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल के सेप्टिक टैंक में उतरे तीन श्रमिकों की मृत्यु को लेकर मचे हंगामे के बीच, अस्पताल प्रबंधन ने बुधवार को दोपहर मृतकों के परिजन को मुआवजे के तौर पर 30-30 लाख रुपए का चेक दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने मृतक के आश्रित (पत्नी या माता-पिता) को आजीवन 20 हजार रुपए महीने देने की घोषणा की है। इसके अलावा मृतकों के ब्लड रिलेशन वालों को आजीवन अस्पताल में फ्री-इलाज और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने का ऐलान भी कर दिया गया है। इनमें से मुआवजे का चेक परिजन को आज ही दे दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने मृतकों के अंतिम संस्कार के बाद परिजनों से मिलकर शेष घोषणाओं पर अमल के दस्तावेज सौंपने की तैयारी भी कर ली है।
अस्पताल के सेप्टिक टैंक में उतरे तीन श्रमिकों के शव पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिए हैं और पूरे घटनाक्रम की प्रथमदृष्टया जांच पूरी कर ली गई है। सेप्टिक टैंक की सफाई का काम ठेके पर दिया गया था। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस कार्रवाई की भी तैयारी कर रही है। इधर, प्रशासनिक अमले ने भी सेप्टिक टैंक और आसपास के सुरक्षा इंतजाम का जायजा लिया है। अस्पताल के तमाम सीनियर डाक्टर मंगलवार को देर रात से बुधवार को शाम तक पुलिस और प्रशासन की टीमों को पूरी जानकारी दे रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि इस दुखद घटनाक्रम में सभी डाक्टर मृत श्रमिकों के परिजनों के साथ खड़े हैं।



