बृजमोहन के जंबूरी पर ताबड़तोड़ हमलों से सत्ता-संगठन खामोश… विवाद से अधिकांश ने बनाई दूरी, सीएम साय के अलावा सब चुप

भारत स्काउट्स गाइड्स की बालोद में आज से शुरू हुई नेशनल रोवर रेंजर जम्बूरी पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के ताबड़तोड़ हमले, घोटाले के आरोप और ख़ुद ही हाईकोर्ट जाने की वजह से इस आयोजन पर विवादों का साया नज़र आने लगा है। राज्यपाल रमेन डेका ने आज 9 जनवरी को बालोद में जंबूरी का उद्धाटन किया है। जम्बूरी 13 जनवरी तक चलने वाली है, लेकिन इसके आयोजन पर सांसद बृजमोहन की तिरछी नज़र के बाद से ही संगठन और सत्ता के गलियारों में खामोशी छा गई है। अगले तीन दिन में जंबूरी में सीएम विष्णुदेव साय और स्पीकर डॉ रमन सिंह को भी मुख्य अतिथि के तौर पर जाना है। आज तक हालात ऐसे हैं कि जम्बूरी को लेकर सिर्फ सीएम साय ही मुखर हैं। एक न्यूज़ वेबसाइट ने आज यह खबर भी दी है कि डिप्टी सीएम विजय शर्मा का आज जंबूरी जाना भी अचानक कैंसिल हो गया है। यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि सरकार औपचारिक तौर पर ही इस आयोजन में शामिल होगी। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव आयोजक होने के नाते जंबूरी में हैं, बाक़ी नेता किनारें होते नज़र आ रहे हैं।
सांसद बृजमोहन पिछले कुछ दिनों से जंबूरी को लेकर वित्तीय अनियमितताओं और टेंडर घोटाले के आरोप लगा रहे है। उन्होंने इसी आधार पर दो दिन पहले जंबूरी को स्थगित करने की घोषणा की। इसके बावजूद सीएम के अलावा कोई सामने नहीं आया। बताते हैं कि बृजमोहन के तेवर की वजह से भाजपा के अधिकांश नेताओं और प्रवक्ताओं ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। सीएम साय ही हैं, जो लगातार दो दिन से बयान दे रहे हैं कि प्रदेश में जंबूरी होना गर्व की बात है। बुधवार को सरकार के दो मंत्रियों का इस आयोजन को लेकर बयान आया था कि मामला सुलझ गया है, लेकिन उसके बाद से ये तथा बाक़ी मंत्री भी खामोश ही हैं।



