झीरम और ताड़मेटला नरसंहार के मास्टरमाइंड ख़ूंख़ार नक्सली पापाराव का सरेंडर… 17 नक्सलियों के साथ आईजी के सामने हथियार डालने की खबर
झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं के नरसंहार तथा ताड़मेटला में 76 सीआरपीएफ जवानों की ब्लास्ट में हत्या के मास्टरमाइंड कुख्यात नक्सली कमांडर सुन्नाम पापाराव ने आज, 24 मार्च को अपने 17 साथियों के साथ सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। इसे माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि वह बस्तर क्षेत्र का आखिरी बड़ा कैडर कमांडर था।
पापाराव ने जगदलपुर (बस्तर) में पुलिस महानिरीक्षक (IG) पी. सुंदरराज के समक्ष हथियार डाले हैं।पापाराव पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार वह अपने 12 से 17 हथियारबंद साथियों के साथ मुख्यधारा में शामिल हुआ है। यह आत्मसमर्पण गृह मंत्री द्वारा नक्सलवाद खत्म करने के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की समयसीमा से ठीक 7 दिन पहले हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने इसे नक्सल विरोधी अभियानों की एक बड़ी सफलता बताया है।
रिकॉर्ड्स के अनुसार पापाराव 2010 में ताड़मेटला (दंतेवाड़ा) में 76 CRPF जवानों की शहादत वाले हमले और 2013 के झीरम घाटी हमले जैसे कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था। वह पिछले कई सालों से इंद्रावती नेशनल पार्क और बीजापुर-सुकमा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था।



