एसआईआर (SIR) : रायपुर के एक इलाके में निवासियों को मृत और ग़ैरहाज़िर बताकर काटे 719 नाम – कांग्रेस का बड़ा आरोप

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रायपुर समेत पूरे प्रदेश में चल रहे एसआईआर प्रक्रिया में बड़े पैमाने ग़लत तरीके से लोगों के नाम काटने के आरोप लगाए हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री धनेन्द्र साहू ने राजीव भवन में शुक्रवार को दस्तावेज रखते हुए आरोप लगाया कि अभनपुर विधानसभा क्षेत्र हमारे कार्यकर्ताओं कि प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि लगभग 719 ऐसे मतदाता जो जीवित हैं, उसी वार्ड एवं उसी गांव में वर्षों से निवास करते है, उनके नाम निर्वाचन नामावली से विलोपित किए जा रहे हैं। यह कोई प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि सुनियोजित राजनीतिक साजिश है।
प्रेस कांफ्रेंस में धनेन्द्र साहू और कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीएलओ को निर्देश देकर गांव मोहल्लों में सर्वे कराया गया जिसमें यह चिन्हित किया गया कि कौन-कौन मतदाता कांग्रेस समर्थक हैं। इन्हीं चिन्हित मतदाताओं के नाम एसआईआर के नाम पर कटवाने की प्रक्रिया चलाई गई। इस सूची में अधिकांश अल्पसंख्यक मतदाता एवं गरीब और पिछड़े वर्ग के चिन्हित मतदाता हैं तथा वे मतदाता हैं जो लगातार कांग्रेस के पक्ष में मतदान करते आ रहे हैं। भाजपा के लोग बीएलओ पर दबाव से यह रिपोर्ट बनवा रहे है कि फलां व्यक्ति गांव में नहीं रहता। वह बाहर चला गया है। जबकि हकीकत यह है कि वे सभी लोग आज भी उसी गांव/वार्ड में निवासरत हैं। यह न केवल निर्वाचन प्रक्रिया से छेड़छाड़ है बल्कि आपराधिक कृत्य भी है।
पुर्व मंत्री धनेन्द्र साहू ने आरोप लगाया कि इस षड्यंत्र का पैटर्न केवल अभनपुर विधानसभा तक सीमित न होकर आशंका है कि पूरे प्रदेश में जोरो से चल रहा होगा। यह दर्शाता है कि फर्जी आपत्तियां, फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी नामों के माध्यम से मतदाता सूची से नाम हटाने का संगठित षड्यंत्र चल रहा है। उन्होंने कहा की एसआईआर की प्रक्रिया को जानबूझकर इतना जटिल उलझाऊ और तकनीकी बना दिया गया है कि आम नागरिक विशेषकर गरीब अल्पसंख्यक ग्रामीण बुजुर्ग और कमजोर वर्ग के लोग इसे समझ ही नहीं पा रहे हैं। इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह हो रहा है कि बड़े पैमाने पर षडयंत्रपूर्वक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं जिससे वे अपने संवैधानिक अधिकार, मतदान से वंचित हो जाएंगे।
लोक सभा के विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी जी के द्वारा विगत कई महिनों से वोट चोरी की आवाज उठाया जा रहा है। जिसे प्रमाण सहित साबित भी कर रहे है। निर्वाचन आयोग और भारत शासन अपने रवैये में सुधार नहीं कर रही है और एसआईआर के माध्यम से जिन-जिन प्रदेशो में हो रहा है वहां पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं का उनके मताधिकार से वंचित करने का अभियान चलाया जा रहा है।



