हर नक्सलमुक्त गांव के लिए खास पैकेज… 1 करोड़ रु तुरंत मिलेंगे विकास के लिए… पहली बार घोषित की गई ऐसी योजना

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दंतेवाड़ा से शाम 5 बजे रायपुर लौट गए हैं। इससे पहले, उन्होंने बस्तर पंडुम में बस्तर के हर नक्सलमुक्त होने वाले गांव के लिए खास पैकेज की घोषणा की है। पहली बार केंद्र सरकार इस तरह का पैकेज दे रही है कि जिस गांव के नक्सली सरेंडर कर देंगे, सरकार उसे नक्सलमुक्त घोषित करेगी और वहां के विकास के लिए तुरंत 1 करोड़ रुपए जारी कर दिए जाएंगे। इसके लिए बस्तर के प्रभावित गांवों को नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग होगा। ग्रामसभा बुलाकर सरेंडर की प्रक्रिया तेज की जा सकती है।
गृह मंत्री शाह ने स्पष्ट किया कि जो नक्सली हथियार छोड़ देंगे, उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लाया जाएगा। लेकिन जो हथियार नहीं डालेंगे, उनके विरुद्ध सुरक्षाबल कड़ी कार्रवाई करेंगे। जो गांव नक्सलमुक्त हो जाएंगे, उनके साथ-साथ बाकी गांवों में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए छोटे अस्पताल, स्कूल, आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा, बस्तर के लोकल आर्ट को आगे बढ़ाया जाएगा। बेल मेटल, टेराकोटा, लकड़ी शिल्प, गोदना और चित्रकला को वैश्विक मंच देने की योजना है। गृहमंत्री ने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत इन उत्पादों को दिल्ली तक के बाजारों में पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर की बोलियां, वाद्य यंत्र, भजन और परंपराएं केवल छत्तीसगढ़ नहीं बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत हैं। इन्हें संरक्षित रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है।
बस्तर पंडुम अगले वर्षा से राष्ट्रीय महोत्सव
गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर पण्डुम को अगले वर्ष से राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बस्तर पण्डुम में 1850 ग्राम पंचायतों, 12 नगर पंचायतों, 8 नगर परिषदों, और एक नगर पालिका के कुल 47000 कलाकारों ने भाग लिया। यह उत्सव 12 मार्च से 5 अप्रैल तक चला और इस वर्ष 7 श्रेणियों में आयोजित था। अगले वर्ष 12 श्रेणियों में इसका विस्तार किया जाएगा।



