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आरआई प्रमोशन स्कैम : ईओडब्लू की एफआईआर में दर्जनभर अफसर-कर्मियों के नाम… तेज होगा गिरफ्तारियों का सिलसिला, जानिए कौन कौन आरोपी

आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग EOW ने राजस्व निरीक्षक (आरआई) प्रमोशन परीक्षा में पटवारी संघ और शासन से मिले पत्रों के आधार पर 10 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करके दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। इस मामले में जांच तेज करते हुए ईओडब्लू ने बाकी अफसर-कर्मचारियों की तलाश भी शुरू की है। इस केस की एफ आई आर में जिनके नाम हैं, उनमे प्रेमलता पद्माकर- तत्कालीन आयुक्त (सांख्यिकी), हरमन टोप्पो- सहायक आयुक्त, वीरेंद्र जाटव- सहायक अधिकारी (गिरफ्तार), आशीष प्रकाश ब्रजपाल- क्लर्क, रामाज्ञा यादव- मानचित्रकार, लीला देवांगन- आरआई, ईश्वर लाल ठाकुर- बाबू, हेमंत कौशिक- (गिरफ्तार), जयंत यादव और राकेश डड़सेना- प्यून शामिल हैं। इन पर परीक्षा में मिलीभगत, नतीजों में हेरफेर, प्रमोशन के लिए धोखाधड़ी के तरीके अपनाने और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है।

बता दें कि 7 जनवरी 2024 में पटवारी से आरआई बनने के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। 90 पदों के लिए 2600 से ज्यादा पटवारी शामिल हुए थे। 29 फरवरी 2024 को परीक्षा का परिणाम जारी किया गया था। इसमें 216 पटवारियों का चयन प्रशिक्षण के लिए हुआ था।

आपराधिक मामला दर्ज किया है। इनमें से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि बाकी आठ आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने की संभावना है। घोटाले में आयुक्त भू-अभिलेख रायपुर के सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेन्द्र जाटव और क्षेत्रीय उप आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय के सहायक सांख्यिकी अधिकारी हेमन्त कौशिक को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सात जिलों में 19 जगहों पर छापा मारा

एजेंसी के अनुसार इस मामले में 18 से अधिक लोगों की संलिप्तता सामने आई है। जांच में सामने आया कि प्रमोशन परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं की गईं। कई केंद्रों पर पति-पत्नी और भाई-भाई को पास-पास बैठाकर परीक्षा दिलाई गई, जिससे नकल कराई जा सके। वहीं, एक मामले में परीक्षा में फेल हुए पटवारी को बाद में पास दिखा दिया गया। ईओडब्लू को शक है कि पटवारियों (गांव के अकाउंटेंट) को गलत तरीके से रेवेन्यू इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोट करने का यह मामला एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। EOW टीम ने 19 नवंबर को सात जिलों में 19 जगहों पर छापा मारा। इन जगहों से डॉक्यूमेंट्स और डिजिटल सबूत बरामद किए गए, और उनकी जांच के बाद एक केस दर्ज किया गया।

प्रमोशन के लिए धोखाधड़ी के तरीके का आरोप

इसमें शामिल सभी लोगों पर इन सभी के खिलाफ FIR दर्ज है।

 

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