राजेश मूणत ने अरसे बाद दिखाए तेवर… सवा दो करोड़ रु जनता के हैं, बर्बाद नहीं होने दूंगा… कर्बला तालाब सौंदर्यीकरण में खामियां, अफसरों को सीधी चेतावनी

अपने विधानसभा क्षेत्र रायपुर पश्चिम में होने वाले हर विकास कार्य पर कड़ी नजर रखने वाले दिग्गज भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत गुरुवार को मेयर मीनल चौबे और कमिश्नर विश्वदीप को लेकर कर्बला तालाब पहुंच गए, जहां 2.44 करोड़ रुपए से सौंदर्यीकरण चल रहा है। वहां होने वाले हर काम की खराब क्वालिटी और तकनीकी खामियां देखकर राजेश मूणत भड़क गए और अफसरों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सवा दो करोड़ रुपए जनता के हैं, जिनसे काम हो रहा है। इसमें खामियां और जनता के पैसे की बर्बादी बर्दाश्त नहीं करूंगा। लंबे समय तक पीडब्लूडी मंत्री रहे तेजतर्रार नेता तथा राजधानी के वरिष्ठ विधायक मूणत ने वहां चल रहे हर काम पर तकनीकी खामियां निकालीं और अफसरों से दो-टूक कहा कि पूरा काम बिना किसी प्लान, ले-आउट और अदूरदर्शिता से हो रहा है, जो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। वहां चल रहे काम की प्लानिंग का एक नमूना देखिए। तालाब के किनारे बच्चों के लिए ‘किड्स जोन’ बनाया जा रहा है, जिसके लिए छोड़ी गई जगह बहुत कम है। विधायक मूणत ने मौके पर मौजूद ईई और एई से पूछा कि जगह इसी वक्त नापकर बताओ कि इतनी कम जगह में फिसलपट्टी और बच्चों के झूले कहां और कैसे लगेंगे। पूर्व मंत्री के तेवर इतने सख्त थे कि सन्नाटा छा गया। इतने बाद मूणत के तेवर और उग्र हुए तथा उन्होंने वहीं मौजूद कमिश्नर विश्वदीप से कहा कि यहां जो अफसर काम कर रहे हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाए और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी कर दी जाए।
राजेश मूणत के ऐसे तेवर अरसे बाद दिखे, लेकिन निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकांश लोगों का कहना है कि काम भी बेहद खराब तरीके से किया जा रहा है। जैसे, तालाब के किनारे सेफ्टी वाल बिना नींव के ही बनाई जा रही है। यह देखकर भड़के मूणत ने अफसरों के तकनीकी ज्ञान पर वार किया और पूछा कि बिना आधार के दीवार आखिर टिकेगी कैसे? उन्होंने दीवार जल्दी टूटने की आशंका जताई और कड़ी नाराजगी जाहिर की। निरीक्षण के दौरान मूणत ने तालाब परिसर में बाउंड्री वॉल और अवैध निर्माण पर सवाल उठाया और कहा कि इस जगह का तुरंत सीमांकन करवाया जाए। तालाब के किनारे जितना अवैध कब्जा है, इसे तुरंत हटाया जाए। जिन मामलों में माननीय न्यायालय का स्टे (स्थगन) है, उनमें तथ्यों को सही तरीके से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे, ताकि स्टे ‘वेकेट’ (निरस्त) कराने की प्रक्रिया की जा सके। मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए वरिष्ठ विधायक मूणत ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। अधिकारी एयरकंडीशन कमरों में बैठकर योजनाएं न बनाएं, जमीन पर उतरकर काम करें। कर्बला तालाब का काम बिना किसी विजन के किया जा रहा है, जो सरकारी खजाने की बर्बादी है। जनता की पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा और दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। साथ में निरीक्षण कर रही मेयल मीनल चौबे ने भी कहा कि शहर के सौंदर्यीकरण के लिए आवंटित राशि का सही उपयोग होना आवश्यक है। निरीक्षण में जो खामियां पाई गई हैं, वे गंभीर हैं।



