ट्राइबल गेम्स में गोल्ड पर छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 2 लाख, सिल्वर-ब्रोंज पर 1-1 लाख रुपए… सीएम साय की समापन समारोह के मंच से बड़ी घोषणा

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सीएम विष्णुदेव साय ने बड़ी घोषणा कर दी है। इन खेलों में जो भी खिलाड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतेंगे, उन्हें सरकार की तरफ़ से प्रोत्साहन के रूप में 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। सिल्वर और ब्रोंज मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सीएम साय ने दोहराया कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का फोकस अब ओलंपिक की और होना चाहिए, क्योंकि ओलंपिक में सिर्फ भाग लेने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ओलंपिक में गोल्ड लाने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी को 3 करोड़ रुपए, सिल्वर मेडल पर 2 करोड़ और ब्रोंज मेडल पर 1 करोड़ रुपए सरकार की तरफ़ से दिए जाएंगे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह के मुख्य अतिथि सीएम साय में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को कुल 19 मेडल जीतने पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने राज्य में हुए इस आयोजन में पदक तालिका की तीन टॉप टीमों कर्नाटक, ओडिशा और झारखंड के खिलाड़ियों को भी शुभकामनाएं दीं। राज्य के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ में हुए इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए सभी राज्यों की टीम के खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं।
छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में कर्नाटक ने 23 स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है। जबकि ओडिशा और झारखंड क्रमशः 21 और 16 स्वर्ण के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी जनजातीय समुदाय की खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर नौवां स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ का आखिरी पदक पुरुष फुटबॉल में रजत के रूप में आया, जब वे फाइनल में पश्चिम बंगाल से 0-1 से हार गए।
इस उद्घाटन संस्करण में 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 3,800 खिलाड़ियों ने नौ खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धा की। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, भारोत्तोलन और कुश्ती में कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर थे, जबकि मल्लखंभ और कबड्डी जैसे पारंपरिक खेल प्रदर्शन (डेमोंस्ट्रेशन) खेलों के रूप में शामिल थे। इन 106 स्वर्ण पदकों में से कर्नाटक ने 23 स्वर्ण, 8 रजत और 7 कांस्य पदक जीतकर ओवरऑल चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। ओडिशा 21 स्वर्ण, 15 रजत और 21 कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और 57 पदकों के साथ 50 से अधिक पदक जीतने वाला एकमात्र दल बना। झारखंड 16 स्वर्ण, 8 रजत और 11 कांस्य पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
ओवरऑल चैंपियन कर्नाटक ने पहले ही दिन से पदक तालिका में बढ़त बना ली थी, खासकर तैराकी में दबदबा बनाते हुए उन्होंने 15 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदक जीते। इसके अलावा एथलेटिक्स में 5 और कुश्ती में 3 स्वर्ण पदक जोड़कर उन्होंने सुनिश्चित किया कि ओडिशा और झारखंड उनसे आगे न निकल सकें।


