अस्पताल के बाउंसर से पिस्टल और 22 गोलियां जब्त… इससे पुलिस भी हैरान, सुरक्षा एजेंसी के ठेकेदार की भी पड़ताल

अंबेडकर अस्पताल में मीडियाकर्मियों से दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की में जिन चार बाउंसरों वसीम अकरम, सूरज राजपूत, मोहन राव गौरी एवं जतीन गंजीर को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से वसीम बाबू से एक पिस्टल और 22 गोलियां भी जब्त की गई हैं। अस्पताल की सुरक्षा में लगे बाउंसर के पास पिस्टल को लेकर पुलिस ने कड़ा रूख अपनाते हुए चारों आरोपियों पर आर्म्स एक्ट का केस ठोक दिया है, क्योंकि पुलिस के मुताबिक मीडियाकर्मियों से धक्का मुक्की के दौरान वसीम ने पिस्टल दिखाकर निपटाने की धमकी दी थी, ऐसा मीडियाकर्मियों की ओर से दर्ज एफ आई आर में कहा गया है। बाउंसर जिस कॉल में सर्विस के हैं, उन्हें अंबेडकर अस्पताल में सुरक्षा का ठेका लेने वाले ठेकेदार ने आउटसोर्स किया था। इसे भी ठेका नियमों का उल्लंघन करार देते हुए ठेकेदार की भूमिका शक के दायरे में है। हालांकि अस्पताल में उच्च स्तर पर यह भी चर्चा है कि ऊंची राजनैतिक पहुँच के कारण ठेकेदार पर आंच नहीं आएगी।
जिन मीडियाकर्मियों ने बाउंसरों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट की है, वो एक न्यूज़ चैनल और एक न्यूज़ वेबसाइट के हैं, जिनका छत्तीसगढ़ में बड़ा कवरेज है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले चैनल के क्राइम रिपोर्टर और कैमरामैन को आरोपी बाउंसरों वसीम, सूरज, जतिन और मोहन ने रोककर धक्कामुक्की की, फिर वसीम ने पिस्टल दिखाकर धमकाया। रिपोर्टर की सूचना पर जब वेबसाइट तथा अन्य रिपोर्टर अस्पताल पहुंचे तो चारों ने उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार किया और पिस्टल फिर निकाली गई। इस आधार पर पुलिस ने पिस्टल और गोलियां जब्त कर आर्म्स एक्ट का केस लगाया है। पुलिस पता लगा रही है कि पिस्टल लाइसेंसी है या नहीं। अगर लाइसेंसी भी निकली तो पुलिस कलेक्टर से अनुशंसा कर लाइसेंस रद्द करवाने की तैयारी में है।



