अपराध को कुचलने दुर्ग-बिलासपुर में पाायलेट प्रोजेक्ट… पुलिस, फारेंसिक, प्रासिक्यूशन, कोर्ट और जेल का समन्वय… प्रदेश से 34 घुसपैठियों का देश निकाला- गृहमंत्री शर्मा

छत्तीसगढ़ सरकार ने अपराध और अपराधियों को कुचलने के लिए रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम के साथ-साथ दुर्ग और बिलासपुर जिलों में नया पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह सिस्टम पुलिस, फोरेंसिक साइंस, प्रासिक्यूशन, कोर्ट और जेल में ऐसे समन्वय का माडल है, ताकि असल अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाई जा सके। छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम तथा गृहमंत्री विजय शर्मा ने नया रायपुर के संवाद ऑडिटोरियम में प्रेस कांफ्रेंस लेकर गृह तथा संबंध विभागों के सालभर का कामकाज का लेखा-जोखा मीडिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि साय सरकार एक नई सोच के साथ काम कर रही है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पांचों पिलर्स को एकीकृत करने की दिशा में मॉडल जिलों के रूप में उभरे हैं। पहले पुलिस के सामने सबूत इकट्ठा करने के लिए कई समस्याएं आती थीं। अब ई- साक्ष्य से मदद मिल रही है, जिससे पुलिस का मनोबल बढ़ा है।
गृहमंत्री विजय शर्मा के साथ प्रेस कांफ्रेंस में एसीएस होम मनोज पिंगुआ, डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, सचिव हिमशिखर गुप्ता, एडीजी इंटेलिजेेंस अमित कुमार, एडीजी प्रदीप गुप्ता, एडीजी एसआरपी कल्लूरी, एडीजी विवेकानंद सिन्हा और आईजी ध्रुव गुप्ता भी मौजूद थे। गृहमंत्री ने पिछले समय में फोर्स की सुविधा तथा आम लोगों से जुड़े कदमों का विस्तार से ब्योरा पेश किया। उन्होंने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार ने 8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा दिलवाई है। अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। गृह मंत्री ने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। इस पोर्टल को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए विशेष टास्क फोर्स के जरिए कार्रवाई चल रही है। छत्तीसगढ़ से अब तक विदेशी नागरिक अधिनियम में 34 लोगों को देश से निष्कासित किया जा चुका है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं। साथ ही प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है।
दो पंचायतों को घोषित किया नक्सलमुक्त
गृहमंत्री शर्मा ने बताया कि पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, इसमें उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें 5जी मोबाइल फोन, विभिन्न स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। इलवद पंचायत योजना के तहत अब तक दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित भी किया है। पिछले 2 वर्षों में कई पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय कमेटी सदस्य, स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य के द्वारा पुनर्वास के साथ कई नक्सल नेताओं को न्यूट्रलाइस भी किया गया है।



