छत्तीसगढ़ में धान खरीदी 31 तक, लेकिन 30-31 की छुट्टी… छुट्टियों के कारण सिर्फ 8 दिन शेष, लाखों टन धान खरीदी बाकी… बढ़ानी पड़ सकती है तारीख
छत्तीसगढ़ में सभी सरकारें किसानों का एक-एक दाना धान खरीदने का दावा करती हैं और खरीदी में प्रतिबद्धता भी नजर आती है। फिर भी, हजारों किसान समय सीमा में धान नहीं बेच पा रहे हैं। इसी साल की बात करें तो धान खरीदी की आखिरी तारीख 31 जनवरी निर्धारित है, अर्थात खरीदी के लिए तारीख के हिसाब से तो 14 दिन बाकी हैं। लेकिन इसमें अगला सैटरडे-सनडे, फिर 26 जनवरी और इसके बाद 30-31 जनवरी को फिर सैटरडे-सनडे की छुट्टी होगी। कल भी रविवार है। बचे हुए 14 दिनों में इन छह दिनों को घटाया जाए तो किसानों के पास धान बेचने के लिए सिर्फ 8 दिन ही बचे हैं। अभी पूरे प्रदेश में लाखों टन धान ऐसा है, जिसे इतने कम समय में किसानों के लिए बेच पाना मुश्किल है। इसलिए माना जा रहा है कि पिछले साल की तरह इस बार भी हजारों किसान धान नहीं बेच पाएंगे। हालांकि यह बात सरकार तक भी पहुंची है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि सभी किसानों को धान बेचने का मौका देने के लिए खरीदी कुछ दिन आगे बढ़ाई जा सकती है।
सरकार ने अब तक प्रदेशभर में 95 लाख टन धान खरीदा है। इस बार का टारगेट 165 लाख टन का है, यानी टारगेट के अनुसार ही 75 लाख टन धान खरीदा जाना बाकी है। यह अगले 8 दिन में संभव नहीं है। द स्तम्भ के पाास जो जानकारी आई है, उसके मुताबिक 30 और 31 जनवरी के टोकन 29 जनवरी को शिफ्ट कर दिए गए हैं। अर्थात कायदे से धान खरीदी का यही आखिरी दिन होगा, अर्थात हर किसान को इस दिन अपना धान खरीदी केंद्र तक पहुंचाना ही होगा। इसे भी लगभग असंभव माना जा रहा है। इसलिए यह चर्चा शुरू हुई है कि धान खरीदी की समय सीमा में एकाध हफ्ते की वृद्धि करनी पड़ेगी।



