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बिजली के लिए बांध में फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट… छत्तीसगढ़ में पानी से एनर्जी के 6 बड़े प्रोजेक्ट… ऊर्जा सचिव डा. रोहित यादव ने बताया फ्यूचर प्लान

छत्तीसगढ़़ में बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण को लेकर भविष्य की एक बड़ी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रदेश में परंपरागत के साथ-साथ गैर परंपरागत बिजली उत्पादन पर भी जोर है। ऊर्जा विभाग के सचिव आईएएस डॉ. रोहित यादव ने नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद के ऑडिटोरियम में हुई प्रेस कांफ्रेंस में ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है। इनमें पांच की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर बन रहा है। इसी तरह, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी  एवं राज्य उत्पादन कंपनी का संयुक्त उपक्रम लगभग 2 हजार मेगावाट के प्रोजेक्ट डेवलप कर रहा है। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है।

ऊर्जा सचिव डा. रोहित यादव के साथ प्नेस कांफ्रेंस में सीएसपीडीसीएल के एमडी भीम सिंह कंवर, सीएसपीजीसीएल के एमडी एसके कटियार और सीएसपीटीसीएल के एमडी राजेश कुमार शुक्ला भी मौजूद थे। डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके।

वितरण क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है। क्रेडा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है।

 

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