नक्सलवाद के खात्मे का महीना… डीजीपी बस्तर में कर रहे हैं मीटिंग… आख़िरी प्रहार की रणनीति तैयार
बस्तर और छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्त होने का महीना मार्च शुरू हो गया है। 29 दिन बाद यानी 31 मार्च की डेडलाइन है, इसलिए फोर्स अब अंतिम शक्तिशाली प्रहार की रणनीति में जुट गई है। इसके लिए डीजीपी अरुणदेव गौतम दंतेवाड़ा जाकर बस्तर के सभी एसपी और तैनात सीआरपीएफ के आला अफसरों के साथ मीटिंग कर रहे हैं।
पता चला है कि इस बैठक में बस्तर के अंदरूनी इलाकों में बचे नक्सलियों को सरेंडर करवाकर बाहर लाने अथवा निशाना बनाने की स्ट्रेटेजी पर मंथन चल रहा है। इसके अलावा सीआरपीएफ और जिला पुलिस के बीच सूचनाओं के रियल टाइम कोआर्डिनेशन पर बात चल रही है। नए कैंपों के जरिए नक्सलियों की सप्लाई लाइन को पूरी तरह से काटने की रणनीति पर भी बात हो रही है।
बता दे कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य (Deadline) रखा है। इस समयसीमा के करीब आते ही सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई की रफ्तार तेज कर दी है। आज की बैठक में मानसून से पहले के ऑपरेशंस और नियद नेल्लानार योजना के तहत कैंपों के विस्तार पर चर्चा हो रही है।
दो घंटे से जारी है मंथन: ये हैं मुख्य बिंदु
बैठक में बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर और कोंडागांव के एसपी शामिल हैं।



